गुवाहाटी, 14 जून (आईएएनएस)। भारतीय वायु सेना के सी-130जे विमान ने रविवार को उन तीन वायु सेना कर्मियों के पार्थिव शरीर को लेकर उड़ान भरी, जिनकी मौत असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए दुखद एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान हादसे में हो गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को जोरहाट एयरबेस पर उतरने के बाद एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद विमान में आग लग गई थी, जिसके बाद इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं।
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का पार्थिव शरीर उनके गृहनगर देहरादून (उत्तराखंड) ले जाया गया, जबकि फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर बिहार के गया जिले में उनके घर ले जाया जा रहा है।
अग्निवीरवायु दानिश आलम का पार्थिव शरीर बिहार के भोजपुर जिले में उनके घर ले जाया जाएगा।
भोजपुर जिले के कायम नगर गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जब यह खबर आई कि 22 वर्षीय अग्निवीर वायु दानिश आलम की आईएएफ विमान दुर्घटना में मौत हो गई है।
दानिश आलम मोहम्मद फारूक आलम और अख्तरी बेगम के इकलौते बेटे थे। उनके पिता गया जिले में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उनके परिवार में उनकी दो बड़ी बहनें, शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन हैं।
यह दुर्घटना सुबह करीब 10 बजे हुई, जिसे एयरफोर्स ने एक रूटीन सॉर्टी (नियमित उड़ान) बताया। आईएएफ ने दुर्घटना की पुष्टि की थी और कहा था कि दुर्घटनास्थल का प्रबंधन और शुरुआती जांच चल रही है।
दुर्घटना के कुछ घंटों बाद जारी एक आधिकारिक बयान में आईएएफ ने कहा, "भारतीय वायुसेना असम के जोरहाट में एएन-32 दुर्घटना में पांच कर्मियों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करती है। स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।"
आईएएफ ने मृतकों के परिवारों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की।
बयान में कहा गया, "आईएएफ शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और दुख की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।"
--आईएएनएस
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