जयपुर, 27 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' (पीएमजेडीवाई) को लागू करने वाले प्रमुख राज्यों में से एक बनकर उभरा है। राज्यमें 3.85 करोड़ से ज्यादा जन धन खाते खोले गए हैं।
वित्त मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, जन धन खातों में कुल जमा राशि के मामले में राजस्थान देश में चौथे स्थान पर है। यह राज्य में बढ़ती वित्तीय समावेशिता और औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। साथ ही विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभों का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित किया है। राजस्थान में महिलाएं इस योजना की सबसे बड़ी लाभार्थी बनकर उभरी हैं।
कुल 3.85 करोड़ खातों में से 2.19 करोड़ से अधिक खाते महिलाओं के हैं, जो राज्य के सभी जन धन खातों का 57 प्रतिशत है। यह राष्ट्रीय औसत 56 प्रतिशत से अधिक है। इन खातों ने महिलाओं, विशेषकर असंगठित क्षेत्र की महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी सब्सिडी, बीमा योजनाओं, पेंशन लाभों और अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान की है। राजस्थान के जन धन खातों में जमा राशि 24,610 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है, जिससे राज्य राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है।
पूरे भारत में, इस योजना के तहत कुल जमा राशि 2.67 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, जो औपचारिक बैंकिंग में लोगों के बढ़ते भरोसे और अधिक वित्तीय भागीदारी का संकेत है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए, राजस्थान में जन धन खाताधारकों को 2.87 करोड़ से अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं।
जिन लाभार्थियों के खाते 28 अगस्त, 2018 के बाद खोले गए थे, वे 2 लाख रुपए के दुर्घटना बीमा कवर के साथ-साथ कैशलेस भुगतान सुविधाओं का लाभ उठाने के पात्र हैं।
जीरो-बैलेंस बैंकिंग के अलावा, जन धन खाताधारक 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे सरकारी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना ने बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करके, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर और लाखों लाभार्थियों तक कल्याणकारी लाभों का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करके राजस्थान में वित्तीय समावेशिता को काफी मजबूत किया है।
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