जम्मू, 17 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्री बुड्ढा अमरनाथ जी यात्रा 2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस सालाना आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को भगवती नगर यात्री निवास से पवित्र श्री बुड्ढा अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई। साथ ही, उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
उपराज्यपाल ने बाबा अमरनाथ और बुड्ढा अमरनाथ यात्री न्यास के साथ-साथ वीएचपी, बजरंग दल, स्थानीय प्रशासन, लंगर संगठनों और नागरिक समाज समूहों की सराहना की। उन्होंने यात्रा और बुड्ढा अमरनाथ जी मेले के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उनके बेहतरीन तालमेल और व्यापक इंतजामों की तारीफ की।
उन्होंने कहा, "बाबा बुड्ढा अमरनाथ के धाम की पवित्र यात्रा एक गहरा ज्ञान देने वाला अनुभव है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह तीर्थयात्रा हर श्रद्धालु के जीवन में गहरा बदलाव लाती है और जीवन के गहरे सत्यों से परिचित कराती है।"
इस झंडी दिखाने के समारोह में कई जाने-माने आध्यात्मिक गुरु, धार्मिक नेता, जन-प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, सुरक्षा अधिकारी, प्रमुख नागरिक और उत्साहित श्रद्धालु शामिल हुए।
श्री बुड्ढा अमरनाथ यात्रा वार्षिक यात्रा जम्मू-कश्मीर में हिंदुओं की 12 दिनों की एक पवित्र तीर्थयात्रा है। यह यात्रा जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से शुरू होकर उत्तर-पश्चिम की ओर लगभग 230 किलोमीटर दूर पहाड़ी पुंछ जिले में स्थित प्राचीन बुड्ढा अमरनाथ मंदिर तक जाती है, जो 4,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
बुड्ढा अमरनाथ यात्रा जम्मू से राजौरी और सुंदरबनी होते हुए पुंछ के राजपुरा और मंडी तक लगभग 230 किलोमीटर की दूरी तय करती है।
इस मंदिर में अपने आप प्रकट हुआ सफेद पत्थर का शिवलिंग है। परंपराओं के मुताबिक, श्रद्धालु पूजा करने से पहले पास की पुलस्त्य नदी में पवित्र डुबकी लगाते हैं।
सुरक्षा और तालमेल का प्रबंधन स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बलों और बाबा अमरनाथ और बुड्ढा अमरनाथ यात्री न्यास जैसे सामुदायिक संगठनों द्वारा किया जाता है। श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहारों के साथ समाप्त होगी।
--आईएएनएस
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