कोलकाता, 27 जुलाई (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के डिप्टी मेयर अतीन घोष को तब तक गिरफ्तार न किया जाए जब तक कि उनकी जमानत याचिका कोर्ट में लंबित है।
जमीन हड़पने के आरोपों के सिलसिले में दर्ज मामले में अतीन घोष की अग्रिम जमानत की अर्जी पर सोमवार को जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल बेंच में सुनवाई होनी थी।
हालांकि, किसी वजह से इस मामले की सुनवाई मंगलवार तक टाल दी गई लेकिन जस्टिस घोष ने पुलिस को निर्देश दिया कि जब तक मामला लंबित है, अतीन घोष को गिरफ्तार न किया जाए।
पिछले महीने, उत्तर 24 परगना जिले में बिधाननगर सिटी पुलिस के तहत आने वाले बिधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन ने इस मामले में पूछताछ के लिए घोष और उनकी बेटी प्रियदर्शनी घोष को बुलाया था। इसके बाद अतीन घोष ने अग्रिम ज़मानत की अर्जी के साथ कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई टालने का फैसला सुनाते हुए जस्टिस घोष ने यह भी कहा कि अक्सर पुलिस की यह आदत होती है कि गिरफ्तारी समेत पुलिस की सख़्त कार्रवाई से कोर्ट से मिली अंतरिम सुरक्षा की अवधि खत्म होते ही वे किसी भी आरोपी को हिरासत में ले लेते हैं।
उन्होंने कहा, "इस मामले में याचिकाकर्ता को गिरफ्तार न करें। मैंने देखा है कि कई मामलों में, किसी भी अंतरिम सुरक्षा की अवधि खत्म होने के तुरंत बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर लेती है।"
जस्टिस घोष की इस टिप्पणी के जवाब में सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस हर मामले में हालात के आधार पर कार्रवाई करती है।
सरकारी वकील ने कहा, "हालांकि, अगर कोई मामला लंबित है, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। पुलिस को इस बारे में सूचित कर दिया जाएगा।"
पिछले महीने, अतीन घोष और उनकी बेटी के खिलाफ जमीन हड़पने का मामला दर्ज किया गया था। उन पर 50 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। एक होटल मालिक ने आरोप लगाया कि उनकी संपत्ति बहुत कम पैसे में जबरदस्ती ले ली गई थी।
हालांकि यह घटना प्रगति मैदान पुलिस स्टेशन इलाके में हुई थी लेकिन बाद में कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में बिधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई। उस पुलिस स्टेशन के अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं।
हालांकि, अतीन घोष ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं उस व्यक्ति को नहीं जानता जिसने शिकायत की है। मेरी बेटी ने उससे एक संपत्ति खरीदी थी। मेरे 50 साल के राजनीतिक जीवन में, कोई भी मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकता। फिर भी, अगर पुलिस मुझे जांच के लिए बुलाती है, तो मैं हर तरह से सहयोग करने के लिए तैयार हूं।"
--आईएएनएस
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