जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग, जंतर-मंतर पर एनसी नेता भरेंगे हुंकार

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग, जंतर-मंतर पर एनसी नेता भरेंगे हुंकार

नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता 20 जुलाई को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर होने वाले विरोध-प्रदर्शन से पहले शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे।

एनसी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला नई दिल्ली पहुंचे हैं। वे जंतर-मंतर पर पार्टी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की तैयारियों का जायजा लेंगे। इस प्रदर्शन का मकसद केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए दबाव बनाना है।

प्रदर्शन के इंतजामों को देखने के लिए एनसी के कई विधायक, वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं। पार्टी ने साफ किया है कि प्रदर्शन योजना के मुताबिक ही होगा।

हालांकि, अभी भी यह पक्का नहीं है कि दिल्ली प्रशासन जंतर-मंतर पर जमा होने की इजाजत देगा या नहीं, क्योंकि शनिवार शाम तक कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।

हाल में दिल्ली में सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों के खिलाफ अधिकारियों की कार्रवाई के बाद इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दिलचस्पी बढ़ गई है। उस कार्रवाई में वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया था और कई प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया था।

इन घटनाओं से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि एनसी को भी कार्यक्रम के लिए इजाजत लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनने के बाद से ही एनसी लगातार राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, बेहतर प्रशासनिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना जरूरी है।

पार्टी 20 जुलाई के विरोध-प्रदर्शन को एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रयास के तौर पर पेश कर रही है, जिसका मकसद केंद्र को इस मुद्दे पर किए गए उसके वादे की याद दिलाना है।

वहीं, केंद्र सरकार ने बार-बार भरोसा दिलाया है कि सही समय पर राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा।

इस बीच, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि उनकी पार्टी प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए तैयार है, बशर्ते एजेंडे का दायरा बढ़ाया जाए और उसमें अनुच्छेद 370 की बहाली और जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य संवैधानिक मुद्दों को भी शामिल किया जाए।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम