नौशेरा, 27 जून (आईएएनएस)। जम्मू कश्मीर में झांगर बटालियन ने शनिवार को ब्रिगेडियर उस्मान मेमोरियल, झांगर में एक मल्टी-स्पेशियलिटी मेडिकल कैंप आयोजित किया। यह कैंप 'झांगर दिवस' से पहले होने वाले कार्यक्रमों का हिस्सा था, जो 'नौशेरा के शेर' के नाम से मशहूर ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान, एमवीसी के सर्वोच्च बलिदान की याद में मनाया जाता है।
इस मेडिकल कैंप का मकसद स्थानीय लोगों की सेहत और भलाई को बढ़ावा देना और इलाके के निवासियों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। कैंप में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी उम्र के लोगों को डॉक्टरी सलाह और इलाज की सुविधा दी गई। कैंप में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) राजौरी के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने हिस्सा लिया और बेहतरीन मेडिकल सेवाएं दीं।
प्रसूति और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम दत्त, डॉ. शकील अहमद, मेडिसिन स्पेशलिस्ट और डॉ. सिदरा डार नेत्र रोग विशेषज्ञ ने स्वास्थ्य शिविर कैंप में आए लोगों का जांच किया और उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराई गई। इस कैंप में आए लोगों ने अच्छे स्वास्थ्य के लिए डॉक्टरों से परामर्श भी लिया।
स्वास्थ्य सेवा टीम को एडीएस नौशेरा के डेंटल ऑफिसर और झांगर बटालियन के मेडिकल ऑफिसर के शामिल होने से और मजबूती मिली। उन्होंने स्थानीय लोगों की जांच, इलाज और कुल मिलाकर स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय रूप से योगदान दिया।
बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने कैंप में दी जा रही सेवाओं का लाभ उठाया। समुदाय ने इस पहल की खूब सराहना की और इससे झांगर व आसपास के इलाकों के लोगों की भलाई और विकास के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता फिर से साबित हुई।
यह मेडिकल कैंप सेना और स्थानीय लोगों के बीच गहरे रिश्ते को दिखाता है और इलाके में सामुदायिक कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में सेना की लगातार कोशिशों को उजागर करता है।
मेडिकल कैंप के अलावा झांगर बटालियन स्थानीय युवाओं में जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से समय समय पर कार्यक्रमों का आयोजन करती है।
हाल ही में युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों और स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली बनाए रखने के महत्व के बारे में शिक्षित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने 'नशा मुक्त भारत' की शपथ ली और नशे से दूर रहने तथा अपने समुदायों में मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।