लखनऊ, 19 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के तहत विश्वविद्यालय को निशाना बना रही है और यह कार्रवाई हजारों छात्रों के भविष्य तथा शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को जारी बयान में कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए चल रही मुहिम में समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बदले की राजनीति के तहत विश्वविद्यालय को अपनी संकीर्ण सोच का शिकार बनाने का प्रयास कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता, समर्थक और नेता छात्रों के साथ खड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हजारों मेहनतकश परिवारों के बच्चों के सपनों पर बुलडोजर चलाने की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और उसे बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने देशभर के लोगों से अपील की कि वे शिक्षा संस्थानों को बचाने के लिए आगे आएं। उनका कहना था कि जौहर विश्वविद्यालय में हर वर्ग और समाज के छात्र पढ़ते हैं, इसलिए सरकार की कार्रवाई किसी एक संस्थान नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य पर हमला है।
उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय से जुड़े किसी दस्तावेज या औपचारिकता में कोई कमी है तो उसे नियमानुसार पूरा कराया जाना चाहिए, न कि संस्थान को बंद करने या ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार, इस विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके लिए महंगे निजी संस्थानों या विदेश में शिक्षा हासिल करना संभव नहीं है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की विचारधारा शिक्षा और जागरूकता के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज सवाल पूछता है, इसलिए भाजपा शिक्षा संस्थानों को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि पहले प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने का प्रयास किया गया और अब विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा रहा है। सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और भर्ती के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए शिक्षा संस्थानों पर कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य अपंजीकृत शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि जौहर विश्वविद्यालय के मामले में एकतरफा रवैया अपनाया जा रहा है।