जगन्नाथ स्नान यात्रा: हिमंत सरमा ने शुभकामनाएं दीं, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की

जगन्नाथ स्नान यात्रा: हिमंत सरमा ने शुभकामनाएं दीं, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की

गुवाहाटी, 29 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को भगवान जगन्नाथ की पवित्र स्नान यात्रा के अवसर पर देशभर के श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी के लिए शांति, सुख, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को नमन करते हुए इस वार्षिक अनुष्ठान को हिंदू पंचांग का एक अत्यंत पवित्र अवसर बताया। मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने पोस्ट में कहा, "स्नान यात्रा के पवित्र अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के चरण कमलों में लाखों लोग विनम्र नमन करते हैं।"

उन्होंने प्रार्थना की कि देवताओं का आशीर्वाद प्रत्येक घर में सुख और खुशहाली लाए।

मुख्यमंत्री ने लिखा, “परमेश्वर की असीम कृपा हर जीवन को सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि से भर दे। जय जगन्नाथ।”

स्नान यात्रा, जिसे देबा स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू महीने ज्येष्ठ की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है और यह भगवान जगन्नाथ से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है।

इस समारोह के दौरान मंदिर परिसर में स्थित विशेष कुएं से निकाले गए 108 घड़ों के पवित्र जल से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं का विधि-विधान के साथ स्नान कराया जाता है।

यह अनुष्ठान मुख्य रूप से ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर से जुड़ा है, जहां हर साल हजारों भक्त देवताओं के औपचारिक स्नान को देखने के लिए एकत्रित होते हैं।

परंपरा के अनुसार, विस्तृत स्नान अनुष्ठान के बाद ऐसा माना जाता है कि देवता बीमार पड़ जाते हैं और उन्हें 'अनसारा' नामक पखवाड़े भर की अवधि के लिए सार्वजनिक दर्शन से दूर रखा जाता है। इस दौरान मंदिर के पुजारी विशेष अनुष्ठान करते हैं, जिसके बाद वार्षिक रथ यात्रा के दौरान देवता भक्तों के दर्शन के लिए पुनः प्रकट होते हैं।

स्नान यात्रा देश के कई हिस्सों में धार्मिक उत्साह के साथ मनाई जाती है, जिसमें असम भी शामिल है, जहां जगन्नाथ मंदिर इस अवसर को चिह्नित करने के लिए विशेष प्रार्थना, भक्ति कार्यक्रम और सामुदायिक भोज का आयोजन करते हैं।

--आईएएनएस

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