मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण ने इंडिया गठबंधन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन अंदरूनी कलह, नेतृत्व संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है और इसका भविष्य अब अनिश्चित दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक केवल औपचारिकता थी और इसका कोई ठोस राजनीतिक परिणाम सामने नहीं आया है।
अशोक चव्हाण ने कहा कि विपक्ष बार-बार चुनावों में धांधली और 'वोट चोरी' जैसे आरोप लगाता है, लेकिन इसके पीछे कोई ठोस तथ्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को चुनाव परिणामों पर आपत्ति है तो उसका कानूनी रास्ता केवल चुनाव याचिका है, न कि सीधे भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखना।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत का सर्वोच्च न्यायालय पहले ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और चुनावी प्रक्रियाओं की वैधता को कई मामलों में मान्यता दे चुका है। ऐसे में बार-बार इन्हीं मुद्दों को उठाना केवल राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होता है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
इंडिया गठबंधन पर बोलते हुए चव्हाण ने कहा कि यह गठबंधन अपने गठन के बाद से ही अस्थिर रहा है और इसमें शामिल दलों के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रीय दल अब इससे दूरी बना रहे हैं या असंतुष्ट हैं। उनके अनुसार आम आदमी पार्टी पहले ही इस गठबंधन से अलग हो चुकी है, जबकि कई अन्य दल भी सक्रिय रूप से इसमें भाग नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में कांग्रेस और सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर असहमति रही है, जिससे गठबंधन की एकता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि डीएमके जैसी बड़ी क्षेत्रीय पार्टी भी सीट शेयरिंग और राजनीतिक रणनीति को लेकर असंतुष्ट रही है, जिससे गठबंधन के भीतर तनाव की स्थिति बनी हुई है।
अशोक चव्हाण ने कहा कि इस गठबंधन की बैठक में कई प्रमुख नेता या तो शामिल नहीं हुए या केवल वर्चुअली जुड़े, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संगठनात्मक स्तर पर भी समन्वय की कमी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठकों का वास्तविक राजनीतिक प्रभाव बहुत सीमित है और यह केवल नेटवर्किंग अभ्यास जैसा प्रतीत होता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इंडिया ब्लॉक का उद्देश्य केवल अपनी राजनीतिक स्थिति को पुनर्जीवित करना है, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता का समर्थन लगातार कम होता जा रहा है। उनके अनुसार चुनावों के बाद विपक्षी दलों में निराशा और आंतरिक असंतोष बढ़ा है, जिसके कारण यह गठबंधन कमजोर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन की समस्या केवल केंद्र स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य स्तर पर भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। उनके अनुसार विपक्ष में एकता की कमी, नेतृत्व विवाद और संगठनात्मक कमजोरी साफ दिखाई देती है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए चव्हाण ने कहा कि राज्य में भी विपक्षी दलों की स्थिति कमजोर है। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर विपक्ष को उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं और जो उम्मीदवार पहले सामने आए थे, वे भी बाद में पीछे हट गए। उनके अनुसार यह स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की कमजोरी को दर्शाती है।
शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवालों पर बोलते हुए चव्हाण ने कहा कि सरकार ने नीट और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में सीबीआई जांच शुरू की गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो रही है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की प्रक्रिया लगातार जारी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इन मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार समस्या के समाधान पर काम कर रही है।
विदेश नीति और वैश्विक परिस्थितियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को संभालने में सक्षम है, चाहे वह तेल आपूर्ति हो, ऊर्जा संकट हो या वैश्विक युद्ध जैसी स्थितियां। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे इलेक्ट्रिक वाहन और एथनॉल मिश्रण पर काम कर रहा है ताकि भविष्य में निर्भरता कम हो सके।
--आईएएनएस
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