नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में साइबर सुरक्षा को अधिक मजबूत और अभेद्य बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एयरपोर्ट सेक्टर की ओर से 7 अगस्त को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ के साथ एक अहम समझौता पर हस्ताक्षर किया गया है। इस समझौते के तहत सीआईएसएफ जवानों को साइबर सुरक्षा में निपुण बनाने के लिए छह सप्ताह की विशेष आवासीय ट्रेनिंग दी जाएगी।
सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन के नेतृत्व में त्वरित समाधान करने के लिए विशेष जवानों की एक टीम तैयार की जाएगी। हवाई अड्डे देश के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों में से एक हैं। ऐसे में यहां होने वाला कोई भी साइबर व्यवधान बड़े पैमाने पर सुरक्षा, संचालन और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी खतरे को भांपते हुए यह विशेष कैडर तैयार किया जा रहा है।
आईआईटी रोपड़ एससीएएलई फाउंडेशन और सीआईएसएफ की इस संस्थागत साझेदारी के तहत छह सप्ताह का यह कार्यक्रम पूरी तरह से निशुल्क आयोजित किया जाएगा। इस ट्रेनिंग में जवानों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों से भी रूबरू कराया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत साइबर सुरक्षा के मूल सिद्धांत, महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना, डिजिटल फोरेंसिक और घटनाओं का पता लगाना, आपदा रिकवरी और व्यापार निरंतरता, नए व उभरते साइबर खतरे, और मल्टी-सेक्टर क्राइसिस सिमुलेशन जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
आईआईटी रोपड़ के साथ यह साझेदारी सीआईएसएफ को तकनीक के मोर्चे पर और भी मजबूत व भविष्य के लिए तैयार करेगी। इस विशेष 'साइबर सुरक्षा कैडर' के तैयार होने से न केवल विमानन सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह व्यापक राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचे को भी एक नई ताकत देगा।
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