Advertisement banner

राहुल गांधी को राजनीति से बचना चाहिए : रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष कक्कड़

सेना का अपमान न करें: हर्ष कक्कड़ ने राहुल गांधी को घेरा, जयशंकर पर टिप्पणी को बताया गलत
राहुल गांधी को राजनीति से बचना चाहिए : रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष कक्कड़

नई दिल्ली: पाकिस्तान के आतंकवादी कैंपों पर भारतीय सेना की कार्रवाई और 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर बयानबाजी जारी है। इसी बीच लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान को लेकर किए गए सोशल मीडिया पोस्ट पर रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने राहुल गांधी के पोस्ट को राजनीति से प्रेरित बताया है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए रिटायर मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने कहा, "डीजीएमओ ने जो बयान दिया था, वही सच्चाई है, दोनों देशों के बीच पूर्व में कोई बातचीत नहीं थी। यह भी सभी को पता है। जब हमने आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, फिर हमने पाकिस्तान को संदेश भेजा कि हमने सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही नष्ट किया है। इस बात को मनगढ़ंत तरीके से पेश करना सेना का अपमान है। इसी कारण मुझे लगा कि इस विषय पर मुझे टिप्पणी करनी चाहिए।"

मेजर कक्कड़ ने आगे कहा, "जब देश का प्रतिनिधित्व करने की बात होती है तो फिर सबसे सक्षम व्यक्ति का ही चयन किया जाना चाहिए। इसमें राजनीतिक पसंद की कोई अहमियत नहीं है। सरकार ने अगर किसी को चुना है तो 'राष्ट्र प्रथम' की सोच को आगे रखकर ही किया है। जो भी जाएगा, वो सरकार का प्रतिनिधि होगा। वो दूसरे देशों में अपने देश और सरकार की बात को रखेगा। प्रतिनिधियों के लिए यहां यह मायने नहीं रखता कि वे किस दल से हैं, बल्कि उनमें राष्ट्रवाद, राष्ट्र पहले की नीति में विश्वास होना अहम है।"

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में जयशंकर के दिए गए बयान को लेकर राहुल गांधी ने सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने विदेश मंत्री के इस बयान को पोस्ट किया और साथ ही लिखा, "अटैक के पहले पाकिस्तान को बताना अपराध है।"

राहुल गांधी को इस पोस्ट की वजह से आलोचना झेलनी पड़ रही है।

इसी बीच, भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का नया वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान की ओर से जारी वीडियो में सेना के एक जवान ने कहा कि यह शुरुआत पहलगाम आतंकी हमले से हुई, जो कि गुस्सा नहीं, लावा था।

वीडियो में सेना के जवान ने कहा कि दिमाग में बस एक ही बात थी कि अबकी बार ऐसा जवाब देंगे कि इनकी पीढ़ियां याद रखेंगी, यह बदले की भावना नहीं, न्याय था। 9 मई रात को तकरीबन 9 बजे दुश्मन की फोर्स ने सीजफायर का उल्लंघन किया। इन सभी पोस्ट्स को भारतीय सेना ने मिट्टी में मिला दिया। जवान ने कहा है कि दुश्मन अपनी पोस्ट छोड़कर भागता नजर आया।

--आईएएनएस