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'हमारा हिंदुत्व एकता पर है, नफरत पर नहीं', प्रताप सरनाईक के आरोप पर अरविंद सावंत

हिंदुत्व की बुनियाद एकता, नहीं नफरत - अरविंद सावंत
हमारा हिंदुत्व एकता पर है, नफरत पर नहीं

मुंबई, 10 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक के उद्धव ठाकरे के हिंदुत्व से दूर जाने वाले बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हमारा हिंदुत्व नफरत नहीं, एकता की नींव पर खड़ा है और सत्ताधारी दलों को पहले खुद को देखना चाहिए। सावंत ने भाजपा के मुफ्ती मोहम्मद सईद, नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के साथ सरकार बनाने पर भी सवाल उठाया।

मंत्री प्रताप सरनाईक ने आरोप लगाया कि लोगों ने शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे को इसलिए छोड़ दिया क्योंकि वह हिंदुत्व से दूर चले गए थे। इसे लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा, "जिनके साथ आप सत्ता में हैं, उनसे पूछिए कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ सरकार क्यों बनाई? उनसे पूछिए कि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ सरकार क्यों बनाई? क्या नीतीश कुमार ने हिंदुत्व को मान लिया है? उनकी सरकार चंद्रबाबू नायडू के साथ क्यों है? क्या उन्होंने हिंदुत्व को मान लिया है? पहले, उन्हें खुद को ठीक करना चाहिए। यह दूसरों पर सवाल उठाने से बेहतर है। हमारा हिंदुत्व नफरत की नींव पर नहीं, एकता की नींव पर खड़ा है।"

उन्होंने आगे कहा कि मैंने संसद में भी कहा था कि हाथी कितना भी बलवान है, लेकिन वो घास खाता है और शेर मांस खाता है। कौन क्या खाएगा, ये प्रकृति के ऊपर निर्भर करता है। कौन शाकाहारी खाए, कौन मांसाहारी खाए, कौन तिलक लगाए, ये तय करने वाले आप कौन होते हैं? संविधान पढ़िए और उधर नतमस्तक हो जाइए। कम से कम इंसानियत तो समझ आएगी। ये लोग तो इंसानियत ही भूल गए हैं।

अरविंद सावंत ने कहा कि दो दिन पहले जन्माष्टमी का कार्यक्रम हुआ। हमारे कार्यक्रम में मुस्लिम लड़के और लड़कियां थीं। ये एकता है। ये एकता चाहिए। हम सभी हिंदू हैं। आप ये कैसे तय करेंगे कि तिलक लगाए बिना हिंदू नहीं हैं?

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मनसे नेता अमित ठाकरे को मराठी भाषा जरूरी करने के बयान पर कहा, "उन्हें यही सलाह अपने श्रमिकों को भी देनी चाहिए, जो हॉस्पिटल में जाकर कर्मचारी को पीटते हैं। कल कोर्ट ने उन्हें और जिला अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई है। पहले खुद को सुधारें, फिर दूसरों को सलाह दें। पहले खुद सुधर जाएं, फिर दूसरों के सुधरने की बात करें।"

--आईएएनएस

केके/एबीएम