हिमाचल प्रदेश : बड़ा भंगाल पहुंचे सीएम सुक्खू, बोले- राजनीति करने नहीं, लोगों का दुख-दर्द बांटने आया हूं

हिमाचल प्रदेश : बड़ा भंगाल पहुंचे सीएम सुक्खू, बोले- राजनीति करने नहीं, लोगों का दुख-दर्द बांटने आया हूं

शिमला, 28 जून (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कांगड़ा जिले के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दौरा कर आपदा प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं, और राहत और विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वह यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि लोगों का दुख-दर्द समझने और उनके बीच खड़े होने आए हैं।

मुख्यमंत्री ने हेलीपैड के आसपास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं (टेंडर) जारी की जाएं, ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। साथ ही सड़क निर्माण के लिए जरूरी मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए जारी करने की घोषणा की।

बिजली व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बिजली विभाग को गांव में उपयुक्त क्षमता के डीजल जनरेटर लगाने और सभी घरों में बिजली कनेक्शन व वायरिंग के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए। सड़क बनने तक वैकल्पिक बिजली व्यवस्था जारी रखने का आश्वासन देते हुए उन्होंने अपर बड़ा भंगाल और लोअर बड़ा भंगाल के लिए एक-एक डीजल जनसेट उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके अलावा बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजना को दोबारा शुरू करने और सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

सीएम सुक्खू ने बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह की अलग ब्रांडिंग कर उसे विशेष पहचान दिलाने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को अखरोट और चेस्टनट के पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा स्थानीय मीट उत्पादों को भी बेहतर बाजार मूल्य दिलाने का भरोसा दिया। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

मोबाइल नेटवर्क की समस्या पर मुख्यमंत्री ने निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर जल्द सेवा शुरू करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने वन भूमि का उपयुक्त क्षेत्र चिह्नित कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और बड़ा भंगाल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की प्रतिबद्धता भी जताई।

शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लाने, छात्रावास निर्माण पर विचार करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने और समाप्त होने के समय छात्रों को हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बच्चों का सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशिक्षण देने की बात कही, ताकि दुर्गम क्षेत्र में जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, "मैं यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि बड़ा भंगाल के लोगों का दुख-दर्द बांटने आया हूं। अगर राजनीति करनी होती तो मैं ज्यादा आबादी वाले क्षेत्रों में जाता। हमारी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों तक विकास पहुंचाना है। शिमला में बैठकर योजनाएं बनाई जा सकती हैं, लेकिन लोगों की असली समस्याएं समझने के लिए उनके बीच आना जरूरी है।"

सीएम सुक्खू ने बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत का दर्जा देने, क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करने और राशन डिपो में खाद्यान्न का कोटा बढ़ाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने बाढ़ से सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने दो स्थानीय महिला मंडलों को दो-दो लाख रुपए तथा एक युवक मंडल को एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के तहत 1,500 रुपए प्रतिमाह पेंशन देने का भी ऐलान किया।

--आईएएनएस

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