नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। भारत की गाजा नीति पर कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सवाल उठाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। शनिवार को एनडीए के कई नेताओं ने सोनिया गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलित रही है और देश का लक्ष्य किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और कूटनीतिक समाधान को बढ़ावा देना है।
वहीं, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।
सोनिया गांधी ने अपने एक लेख में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि गाजा संघर्ष पर केंद्र सरकार की 'चुप्पी' और 'निष्क्रियता' न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि राष्ट्रीय हित के नजरिए से भी समझ से परे है।
भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने कहा कि सोनिया गांधी इस मुद्दे को बहुत संकीर्ण नजरिए से देख रही हैं। उन्होंने कहा, "अगर वह केवल मुसलमानों की बात करती हैं तो यह तुष्टिकरण की राजनीति है। हम पूरी दुनिया की बात करते हैं। भारत विश्व शांति की बात करता है और चाहता है कि हर तरह की हिंसा रुके तथा सभी पक्ष बातचीत की मेज पर आएं, ताकि सभी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान हो सके।"
उन्होंने सोनिया गांधी से व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि किसी एक पक्ष को दोष देना उचित नहीं है। शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी पक्षों की है और भारत बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में इसी सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है।
भाजपा नेता मनमीत सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सोनिया गांधी हमेशा विभाजन की राजनीति करती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और राजीव गांधी के दौर में भी कांग्रेस ने इसी तरह की राजनीति की।
जदयू नेता नीरज कुमार ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत हमेशा से फिलिस्तीन का समर्थन करता आया है और इस बात का प्रमाणपत्र सोनिया गांधी से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति पर लंबे समय से राष्ट्रीय सहमति रही है।
हालांकि, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोनिया गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने यह लेख बेहद दुखी मन से लिखा है। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने फिलिस्तीन जैसे मुद्दों पर भारत की पारंपरिक विदेश नीति से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अब तक गाजा में निर्दोष बच्चों की हत्या की खुलकर निंदा नहीं की है।
वोट बैंक की राजनीति के आरोपों पर पवन खेड़ा ने कहा कि मानवीय मूल्यों की बात करना किसी वोट बैंक से जुड़ा मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, "क्या हिंदू समाज गाजा में बच्चों की मौत देखकर दुखी नहीं हुआ होगा? एक हिंदू का हृदय भी करुणा से भरा होता है। अगर भाजपा इसे वोट बैंक की राजनीति बताती है, तो इससे ज्यादा शर्मनाक और मूर्खतापूर्ण टिप्पणी दूसरी नहीं हो सकती।"
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने भी सोनिया गांधी के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, तब भी भारत शांत रहा। गाजा में निर्दोष बच्चों की मौत हुई है और ऐसे मामलों में भारत सरकार को अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए थी।
--आईएएनएस
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