गांधीनगर, 17 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने सोमवार को महिलाओं से नियमित रूप से स्तन कैंसर की जांच कराने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि गुजरात में महिलाओं में पाए जाने वाले सभी कैंसरों में से 31.2 प्रतिशत स्तन कैंसर के हैं और अहमदाबाद स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जीसीआरआई) में 2025 में स्तन कैंसर के 1,541 नए मामले दर्ज किए गए।
18 अगस्त को विश्व स्तन कैंसर अनुसंधान दिवस से पहले पानसेरिया ने कहा कि इस बीमारी से निपटने के लिए शीघ्र निदान और जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई में शीघ्र निदान और जागरूकता सबसे बड़े हथियार हैं। अगर स्तन कैंसर का पता शुरुआती चरण में चल जाए, तो यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
मंत्री ने 30 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं से नियमित रूप से स्वयं स्तन परीक्षण करने की अपील की और 40 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को डिजिटल मैमोग्राफी जांच कराने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि यदि किसी को शरीर में कोई असामान्य गांठ या अन्य लक्षण दिखाई दें तो वे तुरंत निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या जीसीआरआई से संपर्क करें।
पानसेरिया ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती कैंसर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कैंसर, विशेष रूप से महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की।
ग्लोबोकैन 2022 के अनुसार, भारत में 2022 में कैंसर के 14,13,316 नए मामले दर्ज किए गए।
भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर था, जिसके 1,92,020 नए मामले सामने आए, जो महिलाओं में होने वाले सभी कैंसरों का 26.6 प्रतिशत था।
गुजरात सरकार ने राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के तहत अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में 2024 में कैंसर के लगभग 77,205 मामले होने का अनुमान है।
गुजरात की महिलाओं में, स्तन कैंसर कैंसर का हिस्सा सबसे अधिक था, जो 31.2 प्रतिशत था।
जीसीआरआई के 2015-2025 के आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में संस्थान में स्तन कैंसर के 1,541 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे अधिक मामले 41-50 आयु वर्ग की महिलाओं के थे, जिनकी संख्या 469 थी, इसके बाद 51-60 आयु वर्ग की महिलाओं में 436 मामले दर्ज किए गए।
पानसेरिया ने कहा कि 1972 में स्थापित जीसीआरआई सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत एक आदर्श राज्य कैंसर संस्थान के रूप में विकसित हुआ है।
2025 में, संस्थान ने 26,812 कैंसर रोगियों को दर्ज किया, जिनमें से 17,665 गुजरात से और 9,147 मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों से थे।
--आईएएनएस
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