Operation Clean Air : वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के साथ 17 टीमों ने गुरुग्राम में किया निरीक्षण, मिलीं कई खामियां

ऑपरेशन क्लीन एयर निरीक्षण में गुरुग्राम की कई सड़कों पर गंभीर धूल समस्या सामने आई
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के साथ 17 टीमों ने गुरुग्राम में किया निरीक्षण, मिलीं कई खामियां

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत ऑपरेशन क्लीन एयर-सीएक्यूएम द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से गुरुग्राम में नगर निगम गुरुग्राम द्वारा बनाए गए सड़क हिस्सों की सफाई और रखरखाव कार्यों की समीक्षा करने के लिए एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया।

यह निरीक्षण 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत किया गया था, जिसका मकसद धूल कम करने के उपायों की जांच करना और सड़क की धूल, म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट, कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन कचरे के जमाव तथा खुले में जलाने जैसी संबंधित समस्याओं की पहचान करना था।

इसमें 17 निरीक्षण टीमें शामिल की गई थीं, जिनमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 15 टीमें और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 2 टीमें शामिल थीं। आयोग द्वारा गुरुग्राम में एमसीजी के अधिकार क्षेत्र में 125 सड़क हिस्सों के निरीक्षण के लिए निर्देशित किया गया था। निरीक्षण टीमों द्वारा जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प्ड फोटोग्राफिक डॉक्यूमेंटेशन एकत्र किया गया और समेकित निरीक्षण रिपोर्ट के हिस्से के रूप में आयोग को जमा किया गया।

निरीक्षण के नतीजों से पता चला कि निरीक्षण किए गए 125 सड़क हिस्सों में से 34 हिस्सों में धूल का स्तर बहुत ज्यादा था, 58 हिस्सों में मध्यम धूल थी, 29 हिस्सों में धूल की तीव्रता कम थी, जबकि केवल 4 हिस्सों में कोई दिखाई देने वाली धूल नहीं पाई गई।

ज्यादा धूल वाले कई हिस्सों में एमएसडब्ल्यू और सी एंड डी कचरे का भी काफी जमाव पाया गया, साथ ही खुले में जलाने के कई मामले भी सामने आए, जो नियमित सड़क रखरखाव, कचरा प्रबंधन और फील्ड स्तर पर लागू करने में गंभीर कमियों को दर्शाता है।

गुरुग्राम के अलग-अलग वार्डों और सेक्टरों में कई सड़क हिस्सों, जिनमें आवासीय कॉलोनियां, अंदरुनी सड़कें और मुख्य सड़कें शामिल हैं, में लगातार धूल जमा होने और कचरा फेंकने की पहचान की गई। कई हिस्सों में खुले में जलाने और बिना प्रबंधन किए गए कचरे की मौजूदगी ने धूल की स्थिति को और खराब कर दिया, जिससे संबंधित एजेंसी द्वारा तत्काल सुधारात्मक उपायों और कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

आयोग ने पाया कि कुल मिलाकर निरीक्षण के नतीजे एमसीजी द्वारा ऑन-ग्राउंड ऑपरेशंस को काफी मजबूत करने की जरूरत को दर्शाते हैं। साथ ही मैकेनिकल स्वीपिंग, एकत्र की गई धूल और कचरे को समय पर उठाना और वैज्ञानिक तरीके से निपटाना, सक्रिय रूप से पानी का छिड़काव, धूल कम करने के उपाय तथा खुले में जलाने पर सख्त रोक की आवश्यकता है।

आयोग ने जोर दिया कि सड़कों की स्थिति में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित करने और धूल व कचरे के दोबारा जमाव को रोकने के लिए लगातार और केंद्रित प्रयास जरूरी हैं।

--आईएएनएस

 

 

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