गोरखपुर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए उनके दैनिक ड्यूटी भत्ते को 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये करने की घोषणा की। साथ ही प्रदेश के 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा की शुरुआत की। इसके तहत सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
गोरखपुर में पीआरडी जवानों के सम्मेलन और कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकारें आती हैं तो बदलाव दिखाई देता है और सभी के अच्छे दिन आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पीआरडी स्वयंसेवकों की सेवाओं और उनके अनुशासन व सेवाभाव को देखते हुए उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवकों ने प्रदेश में होने वाले विभिन्न आयोजनों को सफल बनाने के साथ राजस्व संबंधी मामलों में पुलिस और प्रशासन का सहयोग किया है। इसके अलावा यातायात व्यवस्था, चुनाव ड्यूटी समेत अलग-अलग जिम्मेदारियों में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई है।
इन्हीं सेवाओं के प्रति सरकार की ओर से धन्यवाद के रूप में कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अब पीआरडी के 31 हजार से अधिक स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा सरकारी अथवा सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगी। मुख्यमंत्री ने योजना की शुरुआत को पीआरडी के सभी परिवारों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2019 तक पीआरडी स्वयंसेवकों को ड्यूटी के लिए केवल 250 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलता था। उनकी सरकार ने 2019 में इसे बढ़ाकर 375 रुपये किया। इसके बाद 2022 में इसे बढ़ाकर 395 रुपये और वर्ष 2025 में 500 रुपये किया गया। अब इसे बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पीआरडी जवानों की भूमिका को भी लगातार विस्तार दिया है। पहले जहां उन्हें पर्याप्त ड्यूटी नहीं मिलती थी, वहीं अब स्थिति यह है कि प्रदेश में पीआरडी जवान ड्यूटी के लिए कम पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवकों को यातायात व्यवस्था, मेट्रो की सुरक्षा, एयरपोर्ट सुरक्षा और विभिन्न सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण दायित्व दिए जाने चाहिए। इसके साथ ही पैमाइश आदि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भी उनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पीआरडी का जवान जिस जिम्मेदारी पर लगाया जाएगा, उसे पूरी ईमानदारी से निभाएगा और परिणाम देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए सुविधाओं में बड़ा बदलाव आया है। पहले पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए अच्छे बैरक तक उपलब्ध नहीं होते थे, लेकिन अब प्रदेश के 56 जिलों में पुलिस कार्मिकों के लिए ऐसी इमारतें तैयार हो रही हैं, जो संबंधित जिले की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार की सोच में आए परिवर्तन का परिणाम है। सरकार का प्रयास है कि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कार्मिकों को बेहतर कार्य वातावरण, सम्मान और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की वर्तमान प्रगति सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों के एजेंडे में प्रदेश का विकास नहीं था, बल्कि उनका ध्यान ‘सैफई सिंडिकेट’ के विकास तक सीमित था। उन्होंने कहा कि इसी कारण प्रदेश में गुंडागर्दी, दंगा और लूट जैसी स्थितियां पैदा हुईं। पहले माफिया को संरक्षण दिया गया और इसके कारण उत्तर प्रदेश जैसा समृद्ध राज्य पिछड़े और बीमारू राज्य की श्रेणी में पहुंच गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग आज सरकार पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, वे वही लोग हैं जिन्हें जब मौका मिला तो वे परिणाम नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति काम करके परिणाम देता है तो असफल लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है कि जो काम वे नहीं कर सके, वह दूसरे ने कैसे कर दिया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में अक्षमता, भ्रष्टाचार और माफिया के सामने घुटने टेकने की प्रवृत्ति ने प्रदेश को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था और विकास को प्राथमिकता देकर प्रदेश की दिशा बदलने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में प्रदेश का पैसा लूटा गया और अवैध कमाई को विदेशों में जमा कराया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने अपने परिवार और आने वाली कई पीढ़ियों के लिए धन जमा किया और उन्हें लगता था कि संकट आने पर वे विदेश भाग जाएंगे। उन्होंने दुबई का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों ने वहां पैसा छिपाया था, उन्होंने हाल के अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान मिसाइलें गिरने की खबरों के बीच अपनी संपत्ति को लेकर चिंता जताई।
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जब अवैध कमाई पर संकट आता है तो उसकी चिल्लाहट भी उन्हीं लोगों के घरों में सुनाई देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब कानून का राज है और सरकार विकास तथा सुरक्षा के एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने पीआरडी स्वयंसेवकों से भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, अनुशासन और सेवाभाव के साथ करने का आह्वान किया।
--आईएएनएस
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