अयोध्या, 28 जून (आईएएनएस)। गोविंदानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट बनने के बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर के नाम पर गैर-कानूनी तरीके से चंदा इकट्ठा किया और उसका गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और एसआईटी के पास शिकायतें दर्ज कराई हैं और एफआईआर दर्ज करने, फंड की वसूली करने और कथित संपत्ति को जब्त करने की मांग की है।
गोविंदानंद सरस्वती ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "अयोध्या में राम मंदिर बनाने के नाम पर चंदा एकत्रित करने वाले लोगों में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का नाम भी शामिल है। अविमुक्तेश्वरानंद ने एक हजार गांवों से पैसा और सोना एकत्रित किया। मेरे गुरुदेव ने सुप्रीम कोर्ट में केस लड़कर जीते। गुरुजी के समय पर भी लोगों ने करोड़ों रुपए दान किए। मेरे गुरुदेव के ब्रह्मलीन होने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने पैसे और सोने को चोरी कर लिया।
गोविंदानंद सरस्वती ने कहा, "राम मंदिर मामले में एसआईटी 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर कर उनसे वसूली कर रही है। उसी तरह अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर हो, क्योंकि उनके पास राम भगवान की संपत्ति है। अविमुक्तेश्वरानंद से संपत्ति जब्त कर मंदिर में समर्पित किया जाए।"
वहीं, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपी रमाशंकर मिश्रा की भाभी साधना मिश्रा ने उन पर लगे आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने घर आकर परिवार से पूछताछ की और दस्तावेज इकट्ठा किए। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि उन्हें फंसाया जा रहा है और वे पिछले ढाई साल से अलग रह रहे हैं।
साधना मिश्रा ने कहा, "पुलिस की टीम आज आई थी और उनसे पूछताछ की। रमाशंकर पिछले 6 साल से राम मंदिर में पैसों की गिनती करते थे। पुलिस रमाशंकर का बैंक पासबुक, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने साथ ले गई है। रमाशंकर ढाई साल से अलग रहे हैं। मेरे देवर को फंसाया जा रहा है, वह चोरी नहीं कर सकते।"