भोपाल, 12 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर व्यापमं (मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) मामले में स्पेशल कोर्ट ने दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने के मामले में दो आरोपियों को तीन साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है।
दरअसल, ग्वालियर में स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को व्यापमं मामलों में दो आरोपी अमितेश और विपिन कुमार को दोषी ठहराया और उन्हें तीन वर्ष की कठोर कैद एवं हर एक पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट के वीपी (सिविल) नंबर 372/2015 और 417/2015 में दिए गए आदेशों पर 5 अगस्त 2015 को यह मामला फिर से दर्ज किया। मामले से जुड़ी मूल एफआईआर 9 मार्च 2014 को गुना के सरकारी पीजी कॉलेज के परीक्षा केंद्र अधीक्षक की शिकायत पर कैंट पुलिस स्टेशन, गुना में दर्ज की गई थी।
एफआईआर में आरोप था कि एक व्यक्ति, जो उम्मीदवार विपिन कुमार बनकर परीक्षा दे रहा था, उसे परीक्षा कक्ष से पकड़ा गया, क्योंकि इनविजिलेटर द्वारा जांच के दौरान उसकी शक्ल रिकॉर्ड में मौजूद तस्वीर से मेल नहीं खा रही थी। इसके बाद, कॉलेज के परीक्षा अधीक्षक ने शुरुआती जांच के बाद कैंट पुलिस स्टेशन, गुना में उस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जो दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा था।
आरोपी ने अपनी पहचान गाजियाबाद (यूपी) जिले के निवासी अमितेश के तौर पर बताई और उसने मुरादाबाद (यूपी) जिले के मूल उम्मीदवार विपिन कुमार की जगह परीक्षा देने की बात कबूल की। मामले की जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 6 अक्टूबर 2016 को आरोपी अमितेश (सॉल्वर) और विपिन कुमार (उम्मीदवार) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी ठहराया और उसी के अनुसार तीन वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई।
--आईएएनएस
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