नोएडा, 9 सितंबर (आईएएनएस)। मानसून के अंतिम दौर में मौसम में बनी नमी और तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच गौतमबुद्ध नगर में मौसमी और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। डेंगू और मलेरिया के बाद अब स्वाइन फ्लू के मामलों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। जिले में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 313 पहुंच गई है। वहीं, पशुओं में फैलने वाली लंपी स्किन डिजीज को लेकर भी प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
जिले में लंपी जैसे लक्षण वाले करीब 40 गोवंश सामने आने की जानकारी के बाद निगरानी और जांच का दायरा बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के पिछले आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत में ही जिले में स्वाइन फ्लू के 232 मामले सामने आ चुके थे। 3 सितंबर को एक ही दिन में 12 नए स्वाइन फ्लू मरीज और तीन डेंगू मरीज मिलने की जानकारी सामने आई थी। उस समय डेंगू के कुल मामले 60 और मलेरिया के 44 तक पहुंच चुके थे। अब स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 313 तक पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है।
इससे पहले अगस्त के अंतिम सप्ताह में भी स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार तेजी देखी गई थी। 27 अगस्त को जिले में 20 नए मरीज मिलने के बाद कुल संख्या 140 हो गई थी, जबकि 29 अगस्त तक यह आंकड़ा 192 तक पहुंच गया था। महज कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोतरी संक्रमण की रफ्तार को दर्शाती है। बारिश और उसके बाद वातावरण में बढ़ी नमी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर रही है। इसी वजह से डेंगू और मलेरिया के मामलों पर भी स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रख रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के बाद पानी जमा होने और तापमान में उतार-चढ़ाव से मच्छरजनित बीमारियों के साथ वायरल और अन्य संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, गमले, छत और खाली प्लॉटों में पानी की नियमित जांच करने तथा बुखार होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण स्वाइन फ्लू में दिखाई दे सकते हैं।
इधर, जिले में लंपी स्किन डिजीज ने भी चिंता बढ़ाई है। ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग इलाकों में पहले ही 12 गोवंश में लंपी संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन ने संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को दूसरे पशुओं से अलग रखने और उनके नमूने जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। लंपी से बचाव के लिए जिले में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 26 हजार गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि लगभग 50 हजार गोवंश के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
संदिग्ध पशुओं को अलग रखने के लिए पोवारी गोशाला में व्यवस्था की गई है। ऐसे में एक तरफ इंसानों में स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बने हुए हैं, तो दूसरी तरफ गोवंश में लंपी संक्रमण की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय लोगों को घबराने के बजाय साफ-सफाई, व्यक्तिगत सुरक्षा और बीमारी के शुरुआती लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
--आईएएनएस
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