मुंबई, 9 सितंबर (आईएएनएस)। गणेशोत्सव के अवसर पर कोंकण स्थित अपने गांव जाने वाले गणेश भक्तों को महाराष्ट्र सरकार ने राहत दी है। राज्य सरकार ने 11 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक कोंकण की ओर जाने वाले गणेश भक्तों के वाहनों को टोलमाफी देने का फैसला किया है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। सरकार ने टोलमाफी के लिए अलग पास और स्टिकर की भी व्यवस्था की है, जो वापसी की यात्रा में भी मान्य होंगे।
सरकार के अनुसार, यह छूट मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग-48, मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग-66 और लोक निर्माण विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल के अंतर्गत आने वाले कोंकण मार्गों पर स्थित टोल नाकों पर लागू होगी। इसके अलावा, नगर विकास विभाग के अधीन अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु से कोंकण जाने वाले गणेश भक्तों के वाहनों को भी टोलमाफी का लाभ मिलेगा।
गणेशोत्सव के दौरान मुंबई, ठाणे, पुणे समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग कोंकण स्थित अपने मूल गांव जाते हैं। इस कारण मुंबई-गोवा राजमार्ग और अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। सरकार का कहना है कि टोलमाफी से श्रद्धालुओं पर यात्रा का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा और उनका सफर अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।
टोलमाफी का लाभ लेने के लिए ‘गणेशोत्सव 2026 कोंकण दर्शन’ लिखे स्वतंत्र स्टिकर या पास उपलब्ध कराए जाएंगे। पास पर वाहन का नंबर और चालक का नाम दर्ज होगा। पुलिस स्टेशन, यातायात पुलिस चौकियों और आरटीओ कार्यालयों सहित आवश्यक स्थानों पर पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। यह पास वापसी के दौरान भी मान्य रहेगा।
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एसटी) की कोंकण जाने वाली बसों को भी टोलमाफी दी जाएगी। संबंधित बसों के लिए पुलिस या क्षेत्रीय परिवहन विभाग के माध्यम से पास उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार ने टोलमाफी के दौरान संभावित भीड़ और यातायात जाम को देखते हुए पुलिस, यातायात पुलिस, आरटीओ और परिवहन विभाग को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए हैं। पास वितरण और जांच की प्रक्रिया को भी सरल एवं तेज रखने पर जोर दिया गया है।
लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोंसले ने कहा कि गणेशोत्सव लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। कोंकण जाने वाले गणेश भक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और आनंददायक बनाने के लिए टोलमाफी का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि भक्त बिना किसी परेशानी के अपने गांव पहुंचकर गणराय का स्वागत कर सकें।
--आईएएनएस
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