गांधीनगर, 11 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात विधानसभा के 15वें कार्यकाल का तीन दिवसीय मानसून सत्र 18 घंटे 32 मिनट की कार्यवाही के बाद संपन्न हो गया। इस दौरान सदन ने राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े सात सरकारी विधेयक पारित किए।
सत्र समाप्त होने के बाद सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वघाणी ने बताया कि सदन की कार्यवाही लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
उन्होंने सफल सत्र के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों तथा प्रशासनिक तंत्र का आभार व्यक्त किया।
मानसून सत्र के दौरान विधानसभा की तीन बैठकें हुईं और कुल 18 घंटे 32 मिनट तक कार्यवाही चली।
वघाणी ने बताया कि तीन दिनों के दौरान 52 विधायकों ने विभिन्न चर्चाओं में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि दो दिनों के भीतर सात सरकारी विधेयक पारित किए गए, जिनका उद्देश्य राज्य के विकास और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाना है।
सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने नियम 44 के तहत जनमहत्व के एक विषय पर सदन में वक्तव्य भी दिया।
सत्र के अंतिम दिन नियम 102 के तहत ''आदिवासी कल्याण योजना'' पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। वहीं एक मंत्री ने नियम 116 के तहत भी जनहित के विषय पर बयान दिया।
सदन ने इस दौरान दिवंगत पांच नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संबंध में शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
प्रश्नकाल के दौरान मौखिक उत्तर के लिए कुल 1,356 तारांकित प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 29 प्रश्नों पर सदन में मौखिक चर्चा हुई। इसके अलावा 152 अतारांकित प्रश्न प्राप्त हुए, जबकि नियम 87(ए) के तहत 88 अतारांकित प्रश्न सदन पटल पर रखे गए।
कार्यवाही के दौरान विभिन्न समितियों की पांच रिपोर्टें भी प्रस्तुत की गईं। इसके साथ ही सरकारी कंपनियों, बोर्डों और निगमों से संबंधित 23 रिपोर्टें तथा एक बजट सदन के पटल पर रखा गया।
वघाणी ने बताया कि 69 अधिसूचनाएं, दो अध्यादेश और एक आश्वासन विवरण भी सदन के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा जल जीवन मिशन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की ऑडिट रिपोर्ट भी सदन में पेश की गई।
सत्र के दौरान एक ऐसा विधेयक भी सदन पटल पर रखा गया, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी थी, जबकि राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त पांच अन्य विधेयक भी सदन में प्रस्तुत किए गए।
विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए आम नागरिकों ने भी उत्साह दिखाया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 5,246 लोगों ने विधानसभा पहुंचकर कार्यवाही का अवलोकन किया और लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा।
--आईएएनएस
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