अहमदाबाद, 7 अगस्त (आईएएनएस)। सूरत शहर साइबर क्राइम सेल ने 10.65 लाख रुपए के एपीके आधारित साइबर धोखाधड़ी मामले का पता लगाने के बाद झारखंड से दो कथित मनी म्यूल ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं ने साइबर अपराध की रकम को ट्रांसफर करने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए बैंक खातों में 65 लाख रुपए से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया है।
यह गिरफ्तारियां सूरत से लगभग 1,800 किलोमीटर दूर गिरिडीह जिले में चार दिवसीय अभियान के बाद की गईं। तकनीकी विश्लेषण और वित्तीय जांच के बाद पुलिस को अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला।
यह अभियान स्थानीय पुलिस और दो पुलिस थानों के कर्मियों की सहायता से चलाया गया।
यह मामला पिछले साल 2 नवंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच एक अज्ञात जालसाज द्वारा शिकायतकर्ता के आईसीआईसीआई बैंक खाते में अनधिकृत पहुंच प्राप्त करने के बाद दर्ज की गई शिकायत से जुड़ा है।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने अनजाने में व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से प्राप्त एक दुर्भावनापूर्ण एपीके फाइल को इंस्टॉल कर लिया था, जिससे जालसाजों को एसएमएस संदेशों, वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच प्राप्त हो गई और उन्होंने कई लेनदेन के माध्यम से 10,65,375.98 रुपए हस्तांतरित कर दिए।
सूरत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 61(2), और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस उपायुक्त (साइबर सेल) बिशाखा जैन ने बताया कि ये गिरफ्तारियां पिछले साल दिसंबर में शुरू किए गए पुलिस के 'ऑपरेशन म्यूल हंट' के परिणामस्वरूप हुई हैं।
जैन ने कहा कि नवंबर 2025 में पीड़ित को व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए एक एपीके फाइल मिली। एपीके इंस्टॉल करने के बाद फोन हैक हो गया और पीड़ित के खाते से 10.65 लाख रुपए निकाल लिए गए। ऑपरेशन म्यूल हंट के दौरान हमने राजेश्वर स्वैन और जियाउर रहमान को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर हमें पता चला कि मनी म्यूल के ये दोनों आरोपी करीब 1,800 किलोमीटर दूर झारखंड में मौजूद हैं।
उन्होंने आगे बताया कि हमारी टीमें लगभग चार दिनों तक वहां रहीं और अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते हुए स्थानीय पुलिस और दो पुलिस थानों के कर्मियों की मदद से मानवीय खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया। हमने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में धोखाधड़ी की रकम 10.65 लाख रुपए थी, लेकिन उनके बैंक खातों की जांच से करीब 75 लाख रुपए के लेनदेन का पता चला।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के गिरिडीह जिले के निवासी 29 वर्षीय रूपलाल मंडल और 31 वर्षीय मुकेश मंडल के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, रूपलाल मंडल ने अपने नाम से दो बैंक खाते खोले थे और कथित तौर पर बैंक किट, एटीएम कार्ड और खाते की जानकारी फरार आरोपियों को सौंप दी थी।
--आईएएनएस
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