नवसारी, 28 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात के नवसारी शहर में अब नागरिकों को टूटी सड़कों, सफाई, पेयजल, स्ट्रीटलाइट, पेड़ों की छंटनी, जलभराव और ड्रेनेज जैसी समस्याओं के समाधान के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ता है। ऐसा संभव हुआ है, नवसारी नगर निगम द्वारा लोगों की शिकायतों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, निस्तारण और मॉनिटरिंग के लिए स्थापित किए गए कॉम्प्रिहेन्सिव कम्प्लेंट रिड्रेसल सिस्टम (सीसीआरएस) ऐप की वजह से। जनवरी 2026 में शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट से लोगों की कंप्लेंट का समाधान अब चुटकियों में हो रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में नगर निगम प्रशासन द्वारा नवसारी शहर को ज्यादा स्वच्छ, सुविधायुक्त और नागरिक-केंद्रित बनाने के मकसद से शुरू की गई सीसीआरएस प्रणाली आधुनिक तकनीक और मजबूत प्रशासनिक ढांचे पर आधारित है, जो पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाती है। अब तक सीसीआरसीएस के माध्यम से 4000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। शिकायत दर्ज होते ही नगर निगम की डेडिकेटेड मोबाइल रेस्पॉन्स टीम उनके समाधान के लिए निकल पड़ती है, इससे न केवल कंप्लेंट्स का रेस्पॉन्स टाइम कम हुआ है, बल्कि 85 फीसदी शिकायतों का निवारण उसी दिन किया जा रहा है।
स्थानीय निवासी अशोकभाई राठौड़ ने कहा कि अगर आपको किसी भी तरह की शिकायत है, चाहे वह पानी का लीकेज, ड्रेनेज सिस्टम की समस्या, लाइटिंग की समस्या हो या सड़क पर गड्ढा हो, तो फोटो डाउनलोड करके इस ऐप पर भेजें। नगर निगम 48 घंटे के अंदर उसका समाधान कर देता है।
स्थानीय निवासी अंतरिक्ष परमार ने बताया कि नवसारी नगर पालिका द्वारा शुरू किया गया एप्लीकेशन बहुत अच्छा और सराहनीय है। नवसारी नगर पालिका द्वारा शुरू किए गए एप्लीकेशन में हमें अपनी शिकायत का नतीजा 48 घंटे के अंदर मिल जाता है।
नवसारी नगर निगम कमिश्नर देव चौधरी ने कहा, "हमने एक मजबूत सिस्टम बनाया है। इसके तहत हम एसएलए पीरियड के अंदर रजिस्टर की गई किसी भी शिकायत का 48 घंटे में समाधान करते हैं। अब तक इस साल मिली 4000 से ज्यादा शिकायतों में से हमने 85 प्रतिशत शिकायतों का 48 घंटे के भीतर निस्तारण कर दिया है।
डिजिटल माध्यम से घर बैठे अपनी शिकायत आधिकारिक रूप से दर्ज कराने की इस व्यवस्था ने नवसारी के नागरिकों की परेशानियों को काफी हद तक कम किया है। नवसारी नगर निगम का यह तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित कम्प्लेंट रिड्रेसल सिस्टम गुजरात के दूसरे नगर निगमों के लिए भी एक बेहतरीन मॉडल बनकर उभरा है।