गांधीनगर, 8 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को दावा किया कि गुजरात में पिछले 30 वर्षों से सत्ता से दूर रहने के कारण कांग्रेस की स्थिति इतनी कमजोर हो गई है कि वह राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर पा रही है। इसी बीच भाजपा के चारों उम्मीदवारों ने राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया।
भाजपा उम्मीदवार राजू शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया ने गांधीनगर स्थित गुजरात विधानसभा में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, संगठन महामंत्री रत्नाकरजी, विधानसभा उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी, राज्य सरकार के मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि यह स्थिति गुजरात में भाजपा को लगातार मिल रहे जनसमर्थन का परिणाम है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में जनता ने भाजपा को इतनी बड़ी संख्या में चुना है कि कांग्रेस आज राज्यसभा के लिए उम्मीदवार तक खड़ा करने की स्थिति में नहीं है।"
वाघाणी ने कहा कि पिछले तीन दशकों से गुजरात की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से दूर रखा है, जो यह दर्शाता है कि लोग कांग्रेस के पुराने शासन से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि भाजपा को विकास, जनसेवा, कल्याणकारी योजनाओं और सुशासन के आधार पर जनता का लगातार समर्थन मिला है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने इसे राज्य के राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि भाजपा पहली बार गुजरात की सभी 11 राज्यसभा सीटों पर कब्जा करने की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में जमीनी स्तर से जुड़े कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाया गया है।
विश्वकर्मा ने कहा, "यदि गुजरात की सभी 11 राज्यसभा सीटों पर भाजपा सदस्य निर्वाचित होते हैं, तो यह राज्य गठन के बाद पहली बार होगा और यह उपलब्धि इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज होगी।"
उन्होंने दावा किया कि गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के केवल 12 विधायक बचे हैं, जो राज्य में भाजपा के व्यापक जनाधार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे राज्यसभा में गुजरात से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा।
विश्वकर्मा ने कहा कि चारों उम्मीदवार लंबे समय से संगठन से जुड़े कार्यकर्ता हैं और वे संसद के उच्च सदन में गुजरात के 6.5 करोड़ लोगों की आवाज बनेंगे।
नामांकन दाखिल करने के बाद चारों उम्मीदवारों ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे भविष्य में भी गुजरात की जनता के हितों और सार्वजनिक मुद्दों के लिए सक्रिय रूप से काम करते रहेंगे।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित की गई है। यदि आवश्यकता हुई तो मतदान 18 जून को कराया जाएगा।
--आईएएनएस
डीएससी






