अहमदाबाद, 6 जुलाई (आईएएनएस)। अहमदाबाद डिवीजन के डीआरएम वेद प्रकाश ने सोमवार को डिवीजन के अहम हिस्सों में मानसून की तैयारियों और चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उनका मुख्य मकसद बारिश के मौसम में ट्रेनों का संचालन बिना किसी रुकावट के जारी रखना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
इस निरीक्षण में अहमदाबाद-बरेजाडी और अहमदाबाद-विरमगाम रेलवे सेक्शन शामिल थे, जहां डीआरएम ने डिवीजन के स्टेशनों पर ड्रेनेज (पानी निकासी) की व्यवस्था, जल-जमाव रोकने के उपायों और री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान वेद प्रकाश ने भारी बारिश के समय रेलवे ट्रैक पर पानी जमा होने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों का आकलन किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ट्रैक के किनारे बने नालों और पुलों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें, ताकि बारिश का पानी आसानी से बह सके। रेलवे अंडर-ब्रिज (आरयूबी) का भी निरीक्षण किया गया, ताकि यह पक्का किया जा सके कि मानसून के दौरान पानी जमा होने से सड़क यातायात में कोई रुकावट न आए।
चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करते हुए डीआरएम ने अहमदाबाद-कंकरिया और वटवा के बीच चौथी रेलवे लाइन के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इस अतिरिक्त लाइन के पूरा होने पर अहमदाबाद जंक्शन पर ऑपरेशनल दबाव कम होने और ट्रेन सेवाओं की समय-पालन क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है।
निरीक्षण में विरमगाम स्टेशन, जखवाड़ा स्टेशन, अहमदाबाद स्टेशन और एक रेलवे कॉलोनी का दौरा भी शामिल था, जहां डीआरएम ने यात्रियों की सुविधाओं और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को स्टेशनों और रेलवे रिहायशी कॉलोनियों, दोनों जगहों पर सफाई के उच्च मानक बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, "सफाई अभियान को केवल एक बार की गतिविधि के बजाय लगातार चलने वाली प्रक्रिया के रूप में जारी रखा जाना चाहिए।"
उन्होंने हेल्थ और सैनिटेशन इंस्पेक्टरों को रेलवे स्टेशनों पर कचरे के प्रभावी निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान सीनियर डिविजनल अधिकारी डीआरएम के साथ थे, और उन्होंने अधिकारियों द्वारा उठाए गए कई कदमों के बारे में उन्हें जानकारी दी।
समीक्षा के अंत में वेद प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि फील्ड स्टाफ पूरी तरह सतर्क रहे और मानसून के दौरान पैदा होने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटने के लिए तैयार रहे, ताकि पूरे मौसम में सुरक्षित और सुचारू रूप से रेलवे का संचालन हो सके।