फारूक अब्दुल्ला के 'पूर्ण राज्य' आंदोलन पर भाजपा का पलटवार, कहा-अभी नहीं बने ऐसे हालात

फारूक अब्दुल्ला के 'पूर्ण राज्य' आंदोलन पर भाजपा का पलटवार, कहा-अभी नहीं बने ऐसे हालात

नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'पूर्ण राज्य' की मांग को लेकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उन्होंने 52 नेताओं को पत्र लिखकर शामिल होने की अपील की है। इस पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह ध्यान भटकाने, नाकामी, नाकामयाबी और वादाखिलाफी पर पर्दा डालने के लिए यह गुपकार गैंग उबाल कर रहा है। अब्दुल्ला साहब कभी अपना मैनिफेस्टो निकालकर देखिए, आपने अभी तक अपना कोई भी वादा पूरा नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दशकों तक परिवारवादी, भ्रष्ट और अलगाववादी राजनीति में झोंकने वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस आज लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रही है। साल 1990 में जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए जम्मू-कश्मीर को दहकती आग में झोंक दिया था, जिसके कारण एक लाख साठ हजार कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा। आज वही लोग जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास, पारदर्शिता और पर्यटन के नए दौर पर नजर लगाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति, विकास और पर्यटन को पटरी पर लाया है, लेकिन ये नेता जानबूझकर इसे पटरी से उतारना चाहते हैं।

वहीं, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने फारूक अब्दुल्ला द्वारा 52 पार्टियों के नेताओं को पत्र लिखे जाने पर कहा कि और भी पार्टियां पंजीकृत हैं, उन्हें भी पत्र लिखना चाहिए था। चिट्ठी जब भेजनी ही है तो 52 लोगों को भेजी है या अन्य लोगों को भी भेजें। सरकार जम्मू-कश्मीर की स्थिति के अनुसार फैसला लेगी। धरना देने या चिट्ठी लिखने से कुछ नहीं होने वाला है।

राज्यसभा सदस्य सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि जब स्थितियां ठीक हो जाएंगी तो पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाएगा। आज आप बच्चों को आतंकियों की तारीफ पढ़वा रहे हैं, ऐसी स्थिति में पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाए, इसके लिए देश तैयार नहीं होगा। अभी वे परिस्थितियां नहीं बनी हैं कि पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। जब अनुकूल परिस्थितियां होंगी, तो यह दर्जा दे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं खत्म हो गई हैं और शांति कायम है। जब देश और संसद पूरी तरह से संतुष्ट होंगे तभी अनुकूल परिस्थितियों में पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा।

--आईएएनएस

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