बेलगावी, 1 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी सावधानी से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने और गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।
बेलगावी जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जी. परमेश्वर ने कहा कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में चुनाव के दौरान सामने आई समस्याओं से सबक लेते हुए कर्नाटक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर मतदाता के अधिकार की पूरी तरह से रक्षा हो।
उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर प्रक्रिया को सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और अन्य संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना वजह मतदाता सूची से न हटे। उन्होंने यह भी बताया कि उपायुक्तों और तहसीलदारों को निवास प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दे दिया गया है। इससे प्रक्रिया आसान होगी और लोगों को कम परेशानी होगी।
केंद्र और राज्य के संबंधों का जिक्र करते हुए जी. परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक को केंद्र से मिलने वाली राशि में देरी और कई कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय मदद नहीं मिलने के कारण कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, "केंद्रीय अनुदान समय पर नहीं मिलने से विकास योजनाओं को लागू करने में परेशानी आई। साथ ही गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी चुनौतियां सामने आईं। जल जीवन मिशन और मनरेगा जैसी योजनाओं के लिए भी पर्याप्त फंड नहीं मिला। हमने अपने अनुभव से देखा है कि केंद्र सरकार के सहयोग की कमी का असर विकास कार्यों पर पड़ता है।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा गरीबों के कल्याण को अपनी शासन योजना के केंद्र में रखा है। उन्होंने आगे कहा कि 2028 के बाद भी अपनी जनहितैषी योजनाओं को जारी रखने के लिए पार्टी को एक बार फिर जनता के समर्थन और आशीर्वाद की आवश्यकता होगी।
उन्होंने कहा, "इसी वजह से एसआईआर प्रक्रिया को पूरी गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। अगर कहीं कोई गड़बड़ी या अनियमितता मिलती है, तो उस पर नजर रखी जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।"
संगठन से जुड़े मुद्दों पर जी. परमेश्वर ने कहा कि जब भी कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) का नया अध्यक्ष पद संभालता है, तो पार्टी के पदाधिकारियों और अन्य जिम्मेदारियों में बदलाव होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर पार्टी के लिए मेहनत करने वाले समर्पित और योग्य कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन्हें उनकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों, विधायकों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों को मिलकर महासचिव समेत विभिन्न संगठनात्मक पदों के लिए योग्य लोगों के नामों की सूची तैयार करनी चाहिए। इसके बाद इन नामों की जांच की जाएगी और अंतिम मंजूरी के लिए सूची केपीसीसी अध्यक्ष के पास भेजी जाएगी।
परमेश्वर ने कहा कि कांग्रेस कार्यालय पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए मंदिर और पार्टी उनकी मां के समान है। इसलिए पार्टी कार्यालयों के रखरखाव और विकास में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
केपीसीसी अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए परमेश्वर ने कहा कि उनके कार्यकाल में जिला और तालुका स्तर पर करीब 13 कांग्रेस कार्यालय बनाए गए। उन्होंने बताया कि 'भारत जोड़ो भवन' का निर्माण भी लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। हालांकि, उसके उद्घाटन से पहले ही उन्होंने केपीसीसी अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था।
उन्होंने बेलगावी जिला कांग्रेस कार्यालय के निर्माण में पूर्व मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर और मंत्री सतीश जारकीहोली के प्रयासों की सराहना की। परमेश्वर ने कहा कि इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल में विस्तार से चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि उस समय मंत्री रहे डी.के. शिवकुमार ने कार्यालय के लिए उपयुक्त जमीन खरीदने की जोरदार पैरवी की थी। इसके बाद जमीन खरीदने के लिए 25 लाख रुपये मंजूर किए गए और भवन की आधारशिला रखी गई।
परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया था कि वे जब भी जिलों या तालुकों का दौरा करें, तो स्थानीय कांग्रेस कार्यालयों का दौरा करें, ताकि वे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से जुड़े रह सकें। उन्होंने बताया कि कुछ मंत्रियों ने इस प्रक्रिया का पालन किया, जबकि अन्य ने नहीं किया।
अपने राजनीतिक सफर पर विचार करते हुए परमेश्वर ने बताया कि उन्होंने कम उम्र में ही कांग्रेस के लिए काम करना शुरू कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री धर्म सिंह और एस.एम. कृष्णा द्वारा उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने से पहले उन्होंने सात वर्षों तक पार्टी के महासचिव के रूप में कार्य किया। बाद में, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने उन्हें कांग्रेस कार्य समिति में शामिल किया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी की प्रचार समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
उन्होंने कहा, "पार्टी का हर वह कार्यकर्ता जो ईमानदारी से सेवा करता है, उसे अवसर मिलेगा। आइए हम सब मिलकर कांग्रेस को मजबूत करने और गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रयास करें।"
--आईएएनएस
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