चेन्नई, 23 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में हुए अमोनिया गैस रिसाव मामले का स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम साई कुमार और पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मीडिया रिपोर्टों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने कहा कि इस दुर्घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे मानवाधिकारों और कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
एनएचआरसी ने राज्य सरकार से घटना की पूरी जानकारी मांगी है। इसमें गैस रिसाव के कारण प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम और प्रभावित श्रमिकों की वर्तमान स्थिति का विवरण शामिल है।
आयोग ने मृतकों के परिजनों के लिए तमिलनाडु सरकार द्वारा घोषित मुआवजे और राहत संबंधी जानकारी भी मांगी है।
इसके साथ ही अधिकारियों को यह बताने का निर्देश दिया गया है कि राहत राशि का वितरण किस स्थिति में है और जहरीली गैस की चपेट में आए लोगों को क्या चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, यह गैस रिसाव तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक निजी समुद्री खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात इकाई में हुआ। यहां बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत थे, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं।
बताया गया है कि श्रमिक फैक्ट्री परिसर के पास एक कमरे में आराम कर रहे थे, तभी इकाई से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ और वे जहरीले धुएं की चपेट में आ गए।
घटना के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। प्रभावित श्रमिकों को चेन्नई और तिरुवल्लूर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सांस लेने में दिक्कत और अमोनिया गैस के प्रभाव से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत के बाद 70 से अधिक श्रमिकों को इलाज और चिकित्सकीय निगरानी के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया।
बताया जा रहा है कि मृतक और प्रभावित लोग इस समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक थे। इस हादसे के बाद औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थलों पर खतरनाक रसायनों के प्रबंधन को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
इस बीच तमिलनाडु सरकार ने दुर्घटना की औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं और अमोनिया गैस रिसाव के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
समिति को संभावित लापरवाही की पहचान करने, जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव देने का दायित्व सौंपा गया है।
एनएचआरसी ने कहा है कि राज्य सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद वह उसका अध्ययन करेगा और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।
--आईएएनएस
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