कोच्चि, 2 जुलाई (आईएएनएस)। मलयालम फिल्म कलाकार संघ (एएमएमए) के भीतर यौन, सांप्रदायिक और ऑनलाइन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली अभिनेत्री अंसिबा हसन की कानूनी लड़ाई अब और बढ़ गई है। अभिनेत्री ने पलारिवट्टोम पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया और श्वेता मेनन के खिलाफ है। अदालत के हस्तक्षेप के बाद अभिनेता टिनी टॉम के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई शुरू हो गई है।
अंसीबा ने ज्यूडिशियल फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पलारीवट्टम पुलिस ने लक्ष्मी प्रिया के खिलाफ उनकी शिकायत पर केस दर्ज नहीं किया, जिसमें लक्ष्मी प्रिया पर ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उन्हें बदनाम करने का आरोप था।
उन्होंने यह भी कहा कि एक्ट्रेस श्वेता मेनन के खिलाफ उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कोर्ट ने एक्टर टिनी टॉम के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पुलिस के उस शुरुआती निष्कर्ष को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि कोई अपराध नहीं बनता है।
कदावंथरा पुलिस ने टिनी टॉम के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। यह केस अंसीबा की उस शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है जिसमें आरोप है कि 13 फरवरी को कदावंथरा के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में 'एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स' के पारिवारिक कार्यक्रम की रिहर्सल के दौरान टिनी टॉम ने उन्हें सबके सामने अपमानित किया था।
एफआईआर के मुताबिक, टिनी टॉम ने कथित तौर पर अंसीबा को 'जिहादी' और धार्मिक चरमपंथी कहा और फिल्म जगत के कई सदस्यों की मौजूदगी में अश्लील और यौन रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
मामले की जांच करते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पाया कि केस दर्ज न करने की सिफारिश करने वाली पुलिस रिपोर्ट अधूरी थी।
कोर्ट ने जांच अधिकारी के उस निष्कर्ष को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि कथित 'जिहादी' टिप्पणी सिर्फ मजाक में की गई थी। कोर्ट ने कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसे सबूत मौजूद हैं जिनके आधार पर आपराधिक जांच की जानी चाहिए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि एक्ट्रेस नीना कुरुप का गवाही बयान टिनी टॉम के खिलाफ आरोपों का समर्थन करता है, जिससे एफआईआर दर्ज करने का मामला और मजबूत होता है।
कोर्ट के आदेश के बाद कदावंथरा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और उम्मीद है कि पूछताछ के लिए टिनी टॉम को बुलाया जाएगा।
माना जा रहा है कि एक्टर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं कि वे केरल हाई कोर्ट जाकर एफआईआर को रद्द कराने की कोशिश करें, ताकि उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न हो।
इस बीच, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पलारीवट्टम पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को निर्देश दिया है कि वे लक्ष्मी प्रिया और श्वेता मेनन के खिलाफ अंसीबा की शिकायत पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 9 जुलाई तक जमा करें।