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प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार सख्त, नियमों का उल्लंघन करने वाली 106 औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई

प्रदूषण

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार राजधानी के लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ हवा उपलब्ध कराने के लिए प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही है। सरकार ने औद्योगिक इकाइयों से होने वाले वायु प्रदूषण की निगरानी बढ़ा दी है और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत, जनवरी से जुलाई, 2026 के बीच 2,011 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण के दौरान 106 इकाइयां निर्धारित पर्यावरण मानकों का पालन करती नहीं पाई गईं, जबकि 78 इकाइयां दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से 'संचालन की वैध सहमति' (सीटीओ) के बिना चल रही थीं। इन निरीक्षणों के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई भी की है। 44 मामलों में पर्यावरण जुर्माना लगाया गया है, जबकि नियमों का पालन नहीं करने वाली 33 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। अन्य मामलों में भी संबंधित पर्यावरण कानूनों और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार पर्यावरण नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को हर संभव सहयोग देगी, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वाली या दिल्ली की हवा को प्रदूषित करने वाली इकाइयों के प्रति कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रदूषण के स्रोत पर ही प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

सरकार का अभियान केवल औद्योगिक प्रदूषण तक सीमित नहीं है। दिल्ली में प्रदूषण के अन्य प्रमुख स्रोतों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है, जिनमें सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियां, कचरा जलाना और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियां शामिल हैं। साथ ही, औद्योगिक उत्सर्जन की नियमित और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत किया गया है ताकि प्रदूषणकारी गतिविधियों की समय पर पहचान करके कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इस मुहिम में दिल्ली के नागरिक भी अहम भागीदार हैं। अगर लोगों को कहीं औद्योगिक प्रदूषण, कचरा या दूसरी चीजें खुले में जलाने, धूल से होने वाले प्रदूषण, कचरा गैर-कानूनी तरीके से फेंकने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि के बारे में पता चले, तो उन्हें इसकी जानकारी सरकार को देनी चाहिए। किसी नागरिक की एक जिम्मेदार रिपोर्ट प्रदूषण फैलाने वालों की तेजी से पहचान करने और समय पर कार्रवाई करने में मदद कर सकती है।

नागरिक ऐसी गतिविधियों की रिपोर्ट 'ग्रीन दिल्ली' ऐप या 'एमसीडी 311' ऐप के जरिए कर सकते हैं। सरकार का मानना ​​है कि नागरिकों से मिलने वाली सही और भरोसेमंद जानकारी प्रदूषण से जुड़े नियमों के उल्लंघन की पहचान करने और उनके खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने में अहम भूमिका निभा सकती है। दिल्ली सरकार अपने प्रदूषण की निगरानी और नियमों को लागू करने के सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए निरीक्षण के तरीकों, टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी, ​​अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत कर रही है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि पर्यावरण से जुड़े नियमों के उल्लंघन की पहचान होते ही संबंधित एजेंसियां ​​तेजी से कार्रवाई कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में साफ हवा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की कोशिशें जारी रहेंगी। हमारा संदेश साफ है कि जो उद्योग पर्यावरण से जुड़े नियमों का पालन करेंगे, उन्हें मदद और सुविधा मिलेगी, लेकिन जो उद्योग दिल्ली की हवा को प्रदूषित करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। दिल्ली सरकार साफ हवा के लिए चल रही लड़ाई को एक जन-आंदोलन बनाना चाहती है, जिसमें सरकार, उद्योग और नागरिक मिलकर काम करें। सामूहिक प्रयासों से दिल्ली एक साफ, स्वस्थ और हरी-भरी राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम