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डीवीएसी के सामने 15 जुलाई को पेश होंगे तमिलनाडु के मंत्री, जांच से बचने से किया इनकार

डीवीएसी के सामने 15 जुलाई को पेश होंगे तमिलनाडु के मंत्री, जांच से बचने से किया इनकार

चेन्नई, 12 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु ने रविवार को कहा कि वे 15 जुलाई को डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (डीवीएसी) के सामने पेश होंगे। उनसे हाईवे डिपार्टमेंट के टेंडर में कथित तौर पर 3.23 करोड़ रुपए की गड़बड़ी के मामले में पूछताछ की जाएगी। उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि सिंगापुर की उनकी हालिया यात्रा जांच से बचने की कोशिश थी।

सिंगापुर से चेन्नई लौटने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वेलु ने कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी को पहले ही बता दिया था कि वह तय मेडिकल इलाज के लिए विदेश जा रहे हैं और समन मिलने के बाद अपने वकील के जरिए पेश होने के लिए समय मांगा था।

उन्होंने कहा, "मैं निश्चित रूप से 15 जुलाई को डीवीएसी के सामने पेश होऊंगा और जांच में पूरा सहयोग करूंगा। मामला कोर्ट में है, इसलिए मैं इस पर और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया है और मुझे यकीन है कि न्याय होगा।"

पूछताछ से बचने के लिए देश छोड़कर भागने के दावों को खारिज करते हुए वेलु ने कहा कि सिंगापुर की उनकी यात्रा माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में नियमित मेडिकल जांच के तहत पहले से ही तय थी।

उन्होंने बताया कि वह 2016 से अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और 2023 में भी वहां मेडिकल देखभाल ले चुके हैं।

वेलु के अनुसार, उन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद एक और राउंड की हेल्थ जांच कराने का फैसला किया।

उन्होंने 15 जून को सिंगापुर वीजा के लिए आवेदन किया, 17 जून को वीजा मिला और 25 जून की यात्रा बुक की।

25 जून की सुबह डीवीएसी अधिकारियों ने उनके घर पर तलाशी ली, जिससे उन्हें अपनी रवानगी एक दिन के लिए टालनी पड़ी। वह 26 जून को सिंगापुर के लिए रवाना हुए और वहां कार्डियक, न्यूरोलॉजिकल, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और एलर्जी से जुड़ी कई जांचें करवाईं और वहां रहने के दौरान मेडिकल निगरानी में रहे।

उन्होंने कहा, "मेरे पास सभी मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों की रिपोर्ट हैं। मैंने डर या जांच से बचने के लिए यात्रा नहीं की। मेरी यात्रा सिर्फ मेडिकल इलाज के लिए थी।"

डीवीएसी ने 'अराप्पोर इयक्कम' की शिकायत के आधार पर वेलु, नौ सरकारी अधिकारियों और एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हाईवे डिपार्टमेंट के कॉन्ट्रैक्ट देने में गड़बड़ी हुई, जिससे सरकारी खजाने को 3.23 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

25 जून को एजेंसी ने चेन्नई, तिरुवन्नामलाई, करूर, डिंडीगुल, कोयंबटूर और तिरुपुर में 20 जगहों पर तलाशी ली और सरकारी रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत, कथित गड़बड़ियों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ 40 लाख रुपए नकद जब्त किए। तलाशी के बाद, डीवीएसी ने वेलु को पूछताछ के लिए बुलाया।

इसके बाद उनके वकीलों ने विदेश में उनके इलाज का हवाला देते हुए 10 दिन का समय मांगा।

रविवार को अपनी बात दोहराते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने जांचकर्ताओं को हमेशा सहयोग का भरोसा दिलाया है और वे तय कार्यक्रम के अनुसार 15 जुलाई को एजेंसी के सामने पेश होंगे।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी