अहिल्यानगर, 27 जुलाई (आईएएनएस)। देश में नीट को लेकर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। कर्जत तालुका के जलालपुर गांव की छात्रा अंकिता सुरेश सांगले ने रविवार को आत्महत्या कर ली। परिवार के अनुसार, अंकिता ने नीट री-एग्जाम में कम अंक आने के सदमे में यह कदम उठाया।
सुसाइड नोट में अंकिता ने लिखा कि उसे कम अंक मिलने से डॉक्टर बनने का सपना टूट गया है। नोट में उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसके आत्महत्या के लिए उसके अभिभावकों को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
अभिभावकों ने बताया कि अंकिता को पहली बार नीट परीक्षा में अच्छे अंक आए थे लेकिन पेपर लीक की घटना के कारण री-एग्जाम कराना पड़ा। री-नीट में कम अंक मिलने के बाद वह लगातार तनाव में रहने लगी थी। परिवार का कहना है कि वह डॉक्टर बनने की बहुत उत्सुक थी और परीक्षा की तैयारी में पूरी तरह लगी हुई थी।
घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदार अंकिता के घर पहुंचने लगे हैं। आस-पास के लोग भी दुख व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पेपर लीक न हुआ होता और दोबारा परीक्षा में अंकिता को अच्छे अंक मिले होते तो आज वह हमारे बीच होती और उसका डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो जाता।
अंकिता के चाचा अण्णासाहेब सांगले ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि हमारी भतीजी नीट में कम अंक आने के बाद बहुत निराश हो गई थी। वह डॉक्टर बनने की बहुत उम्मीद लेकर बैठी थी। परीक्षा भी उसकी हुई थी लेकिन कम अंक मिलने से वह सदमे में चली गई और उस सदमे से बाहर नहीं निकल पाई। हम चाहते हैं कि ऐसे बच्चों के बारे में गंभीरता से सोचा जाए। पेपर लीक की घटनाओं और दोबारा परीक्षा कराने से बच्चों पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इससे उन्हें मानसिक तनाव होता है। हमें समय नहीं मिला और हम अपनी भतीजी को खो बैठे।
उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक जैसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जिससे छात्रों की जिंदगी प्रभावित हो रही है। हमारी मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, ताकि कोई और बच्चा इस तरह अपनी जान न गंवाए।