रांची, 7 अगस्त (आईएएनएस)। जेपीएससी और जेएससीसी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि हमने उन्हें बातचीत का माध्यम बता दिया है। मैं और हमारी सरकार झारखंड सहित पूरे देश में छात्रों और युवाओं से जुड़ी समस्याओं के ठोस एवं व्यावहारिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम ने कहा कि हम सभी बातचीत के लिए तैयार हैं। सरकार सभी छात्रों की समस्याओं को जानने के लिए इच्छुक है। राज्य के छात्र और छात्राएं अपने विचार हमें दे सकते हैं। हम मजबूत और कड़े सुधारों के साथ व्यवस्था को छात्रों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से काम करेंगे।
सीएम सोरेन ने यह भी कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि मैं और हमारी सरकार झारखंड सहित पूरे देश में छात्रों और युवाओं से जुड़ी समस्याओं के ठोस एवं व्यावहारिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रांची में मेरे युवा साथियों के साथ-साथ राज्य के विभिन्न जिलों में रहने वाले युवाओं और छात्रों के सुझाव भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण सरकार सभी जिलों के छात्र-छात्राओं की राय और सुझाव प्राप्त करेगी, ताकि समाधान व्यापक और समावेशी हो।
उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही राज्य और देशभर के छात्रों, शिक्षाविदों तथा नीति-निर्माताओं के सुझाव एकत्रित कर समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारों और सकारात्मक बदलावों की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर जेएमएम नेता जयंत जयपाल सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्हें समय तय करना चाहिए, लेकिन उसमें राजनीतिक लोगों की भागीदारी नहीं होनी चाहिए। उसमें केवल वे छात्र शामिल हों, जो प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार बातचीत के लिए तैयार है, हम सभी तैयार हैं। हम सभी उनके साथ खड़े हैं।
वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि साल 2015 से पूरे देश में 148 पेपर लीक हुए हैं। इससे करोड़ों छात्रों का जीवन प्रभावित हुआ है। इनमें से शीर्ष चार राज्य भाजपा शासित हैं। अगर पेपर लीक की बात हो रही है तो सिर्फ झारखंड की ही बात क्यों हो रही है? जंतर-मंतर के आंदोलन की खीझ में भाजपा के लोग प्रतिदिन झारखंड का मुद्दा उठा रहे हैं। कोई भी पेपर लीक का समर्थन नहीं कर रहा है। मामले की जांच जारी है।