गुवाहाटी, 30 जुलाई (आईएएनएस)। असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगु ने गुरुवार को कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में 1 अगस्त को गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल फिर से खोलने का फैसला जमीनी हालात को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन करेगा।
पत्रकारों से बात करते हुए पेगु ने कहा कि शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के साथ बातचीत की है और हाल ही में आई बाढ़ के बाद शिक्षण संस्थानों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।
मंत्री ने कहा कि डिप्टी कमिश्नर अपने-अपने जिलों में मौजूदा हालात के आधार पर फैसला लेंगे। शिक्षा विभाग ने इस मामले पर उनसे पहले ही चर्चा कर ली है।
उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि कुछ स्कूलों को छोड़कर, ज्यादातर शिक्षण संस्थान अभी पढ़ाई-लिखाई की गतिविधियां फिर से शुरू करने की स्थिति में नहीं हैं।
हालांकि, स्थानीय हालात का जायजा लेने के बाद अंतिम फैसला जिला प्रशासन ही करेगा।
पेगु ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि कुछ स्कूलों को छोड़कर, ज्यादा स्कूल और कॉलेज भी अभी क्लास फिर से शुरू करने की हालत में नहीं हैं। फिर भी, मैंने सही फैसला लेने के लिए यह मामला जिला स्तर पर छोड़ दिया है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह मामला जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है क्योंकि यह प्राकृतिक आपदा के प्रबंधन से जुड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह प्राकृतिक आपदा से जुड़ा फैसला लेने का मामला है। ऐसी स्थितियों में, फैसला लेने का सबसे बड़ा अधिकार जिला प्रशासन के पास होता है। इसलिए, डिप्टी कमिश्नर ही तय करेंगे कि उनके जिलों में स्कूल फिर से खुल सकते हैं या नहीं।
असम में गर्मी की छुट्टियों के बाद 1 अगस्त को स्कूल फिर से खुलने वाले हैं।
हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में बड़े पैमाने पर आई बाढ़ ने ऊपरी असम के कई जिलों में सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों समेत सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है और हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं।
राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रही है और राहत व बहाली के कामों में तालमेल बिठा रही है, जबकि जिला प्रशासन नियमित कक्षाएं फिर से शुरू करने की अनुमति देने से पहले स्कूलों की सुरक्षा और तैयारियों का जायजा ले रहा है।
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