बिदादी टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे किसानों से मिले कर्नाटक भाजपा नेता

बिदादी टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे किसानों से मिले कर्नाटक भाजपा नेता

बेंगलुरु, 17 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक तथा विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलावादी नारायणस्वामी के नेतृत्व में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी के कई गांवों का दौरा कर प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे किसानों को समर्थन दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने केंपय्याना पाल्या, अरलालासंद्रा, होसूर और बन्निगिरि गांवों का दौरा किया, जहां किसान राज्य सरकार द्वारा टाउनशिप परियोजना के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं।

इस दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधायक सी.एन. अश्वथ नारायण, वरिष्ठ विधायक एस. सुरेश कुमार समेत भाजपा के कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।

भाजपा नेताओं ने स्थानीय किसानों से मुलाकात कर प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर उनकी चिंताओं को सुना। उन्होंने बिदादी स्थित एक दुग्ध डेयरी का दौरा कर डेयरी किसानों से चर्चा की। साथ ही कृषि क्षेत्रों और रेशम उत्पादन (सेरीकल्चर) फार्मों का भी निरीक्षण किया तथा किसानों और रेशम उत्पादकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और परियोजना के संभावित प्रभावों की जानकारी ली।

इससे पहले बेंगलुरु में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर किसानों और गरीबों के हितों की बजाय रियल एस्टेट हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता न तो किसान हैं और न ही गरीबों को आवास उपलब्ध कराना। शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही मुख्यमंत्री ने दिखा दिया कि उनकी प्राथमिकता रियल एस्टेट है।"

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सरकार बिदादी की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण कर टाउनशिप परियोजना लागू करना चाहती है, जिसका भाजपा पुरजोर विरोध करती है।

उन्होंने कहा, "सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से मुख्यमंत्री शिवकुमार के लिए रियल एस्टेट ही प्राथमिकता बन गया है। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वह अपना हठ छोड़ें और किसानों को उनकी जमीन से जबरन बेदखल न होने दें।"

भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार से प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण योजना वापस लेने और मौजूदा स्वरूप में टाउनशिप परियोजना को रद्द करने की मांग की।

बिदादी दौरे से पहले भाजपा नेताओं के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयेंद्र ने इसे सत्तारूढ़ दल की डराने की कोशिश बताते हुए खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री शिवकुमार शायद सोचते हैं कि हम सभी कांग्रेस विधायक हैं। मेरे और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, लेकिन हम इससे डरने वाले नहीं हैं। हम कांग्रेस विधायक नहीं हैं जो इस तरह के प्रचार से भयभीत हो जाएं।"

उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और उनके संघर्ष में उनका साथ देना पार्टी का कर्तव्य है।

बता दें कि प्रस्तावित ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (जीबीआईटी), जिसे बिदादी टाउनशिप परियोजना के नाम से भी जाना जाता है, कर्नाटक सरकार की एक महत्वाकांक्षी शहरी विकास योजना है। करीब 18,000 से 20,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना बिदादी क्षेत्र के नौ गांवों में लगभग 7,481 एकड़ भूमि पर विकसित की जानी है। सरकार इसे आधुनिक 'वर्क-लिव-प्ले' टाउनशिप और 'एआई सिटी' के रूप में विकसित करने की योजना बता रही है, जबकि किसान और विपक्षी दल उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण और ग्रामीण आजीविका पर इसके प्रभाव को लेकर इसका विरोध कर रहे हैं।

--आईएएनएस

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