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ब्रिक्स सम्मेलन भारत के वैश्विक नेतृत्व को और मजबूत करेगा: भाजपा

ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
ब्रिक्स

नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर भाजपा नेताओं ने उम्मीद जताई है कि इस महत्वपूर्ण आयोजन से पूरी दुनिया को सकारात्मक संदेश मिलेगा। नेताओं का कहना है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत में हो रहा यह सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण है।

आईएएनएस से बातचीत में भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि वैश्विक दृष्टिकोण से ब्रिक्स सम्मेलन बेहद अहम है, क्योंकि पश्चिमी देशों में तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरान, रूस, सऊदी अरब, यूएई समेत कई देश इस सम्मेलन का हिस्सा हैं। ऐसे वैश्विक हालात में भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन से पूरी दुनिया को सकारात्मक संदेश की उम्मीद है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर अजय आलोक ने कहा कि उनके भारत आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत होना स्वाभाविक है। पिछले दो-तीन वर्षों में भारत और चीन के संबंधों में काफी सुधार हुआ है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और व्यापार घाटे को कम करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इन विषयों पर बातचीत भारत के लिए सकारात्मक पहल होगी।

अजय आलोक ने कहा कि ब्रिक्स का अस्तित्व ही बदलती हुई विश्व व्यवस्था का संकेत है। ब्रिक्स की स्थापना वैश्विक सहयोग और मानवता को केंद्र में रखकर की गई थी और यह संगठन अब दो दशक पूरे कर चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और सहयोग बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि भारत द्वारा 18वें ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है। भारत अब दुनिया के अन्य देशों से किसी भी स्तर पर कमजोर नहीं है और देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। ब्रिक्स के सदस्य देशों के प्रतिनिधि भारत आकर देश की नई तकनीक और विकास की दिशा को करीब से देखेंगे।

भाजपा सांसद प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि जी20 सम्मेलन के दौरान पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर आकर्षित हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर खुद को एक महत्वपूर्ण नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित किया है। ऐसे समय में ब्रिक्स सम्मेलन का दिल्ली में आयोजित होना महत्वपूर्ण है। दुनिया के कई देश अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भारत की ओर देख रहे हैं। ब्रिक्स सम्मेलन के बाद नए वैश्विक समीकरण सामने आ सकते हैं और भारत तथा ब्रिक्स के सदस्य देश मिलकर एक नई वैश्विक शक्ति के रूप में उभर सकते हैं।

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया की नजरें भारत पर हैं। दुनिया के कई बड़े नेता भारत आ रहे हैं, जिससे देश का मान-सम्मान बढ़ रहा है और भारत वैश्विक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। ब्रिक्स एक मजबूत संगठन है और इसमें भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे नेताओं का भारत आना देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने ब्रिक्स सम्मेलन को भारत के लिए एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी क्षमता के अनुरूप वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है और पूरी दुनिया की नजरें इस सम्मेलन पर हैं।

भारत और रूस के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देशों की संयुक्त आर्थिक ताकत काफी बड़ी है और ऐसे में आपसी कारोबार को बढ़ावा देने तथा व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल पर चर्चा हो सकती है। ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में डॉलर पर निर्भरता कम करने जैसे विषयों पर भी गंभीर विचार-विमर्श की उम्मीद है। यह सम्मेलन वैश्विक व्यापार व्यवस्था में आने वाले बदलावों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी