हैदराबाद, 19 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के शमशाबाद में हैदराबाद एयरपोर्ट के पास बहादुरगुडा गांव में रविवार को भी तनाव बना रहा, क्योंकि अधिकारियों ने प्रस्तावित हाई-स्पीड ट्रेन हब के लिए तय 650 एकड़ जमीन पर बाड़ लगाना जारी रखा।
हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी ने शनिवार देर रात किसानों की भूख हड़ताल का कैंप हटा दिया और कड़ी सुरक्षा के बीच, जिसे वह सरकारी जमीन कहती है, उस पर बाड़ लगाना जारी रखा।
पुलिस ने गांव को अपने कंट्रोल में ले लिया है और बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी है।
बुलेट ट्रेन हब के लिए जमीन दिए जाने का विरोध कर रहे किसानों की शनिवार को पुलिस से झड़प हो गई।
किसानों की मांग है कि सरकार उन्हें दूसरी जमीन दे या मार्केट रेट पर मुआवजा दे।
उन्होंने दावा किया कि उनके पास मालिकाना हक नहीं है, लेकिन वे सालों से जमीन पर खेती कर रहे हैं और अपनी रोजी-रोटी के लिए इसी पर निर्भर हैं।
हालांकि, रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि जमीन सरकार की है।
वे पिछले आठ दिनों से जमीन पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। शनिवार को जब रेवेन्यू डिपार्टमेंट और हाइड्रा के लोगों ने जमीन पर बाड़ लगाना शुरू किया तो उन्होंने उनका विरोध किया।
उन्होंने न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और जोर दिया कि जब तक सरकार सही मुआवजे का ऐलान नहीं करती, वे अपनी जमीन नहीं देंगे।
कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वालों पर पत्थर और मिर्च पाउडर फेंका। खबर है कि डीसीपी योगेश गौतम और दो सब-इंस्पेक्टर को मामूली चोटें आईं।
पॉलिटिकल एक्टिविस्ट समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
लोगों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात गांव की बिजली काट दी गई और बाहरी लोगों को अंदर आने से रोक दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्कूल बसों को रोक दिया गया, जिससे स्टूडेंट्स को स्कूल छोड़कर घर पर रहना पड़ा।
दूसरी ओर, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को सपोर्ट किया है और सरकार के जमीन अधिग्रहण का विरोध किया है।
बीआरएस नेता पी. कार्तिक रेड्डी को पुलिस ने गांव जाते समय रोका और उनके घर के पास हिरासत में ले लिया गया।
हाइड्रा ने एक बयान में कहा कि रियल एस्टेट डेवलपर्स ने बहादुरगुडा में शमशाबाद एयरपोर्ट रनवे के दक्षिण में मौजूद 650 एकड़ जमीन पर अपनी नजरें गड़ा दी थीं, खासकर इसलिए क्योंकि यह आउटर रिंग रोड से सटी हुई है।
इसने कहा कि करोड़ों रुपए की जमीन किसानों से कुछ लाख रुपए में ली गई थी। इसने ऑफिशियल रिकॉर्ड का हवाला दिया, जो सर्वे नंबर 25 और 26 में 650 एकड़ जमीन को सरकारी जमीन बताते हैं।
हाइड्रा के मुताबिक, रेगुलराइजेशन के लिए सरकार को एक प्रपोजल दिया गया था, लेकिन चीफ कमिश्नर ऑफ लैंड एडमिनिस्ट्रेशन ने 2006 में इसे यह कहकर रिजेक्ट कर दिया कि उस एरिया में जमीन देने पर बैन है, क्योंकि वह एक डेवलप्ड जोन है। स्थानीय गांववालों के साथ, कई लोग जमीन पर खेती कर रहे थे और प्रॉपर्टी पर फार्महाउस बना रहे थे।
केंद्र ने हाल ही में हैदराबाद को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है।
राज्य सरकार शमशाबाद में राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक बुलेट ट्रेन हब बनाने की योजना बना रही है।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी



