श्रीनगर, 26 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की ओर से नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार पर लगाए गए उन आरोपों का कड़ा खंडन किया, जिनमें 25,000 'बैकडोर' नियुक्तियों की बात कही गई थी।
शुक्रवार को मुहर्रम के 10वें दिन के जुलूस में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती और उनकी पार्टी पर राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने के लिए पाखंड करने का आरोप लगाया।
एनसी सरकार द्वारा 25,000 बैकडोर नियुक्तियां किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। जिन्होंने सबसे ज्यादा गैरकानूनी और बैकडोर नियुक्तियां कीं, वे ही अब ये आरोप लगा रहे हैं। क्या हमें यह भूल जाना चाहिए कि उनकी कई बैकडोर नियुक्तियां अदालतों ने रद्द कर दी थीं।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मुफ्ती के परिवार से जुड़े लोगों को भी अनियमित भर्ती प्रक्रियाओं से फायदा हुआ है।
उन्होंने सरताज मदनी के बेटे का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उन्हें बैकडोर प्रक्रिया के जरिए नियुक्त किया गया था और बाद में अदालत के निर्देशों के बाद हटा दिया गया।
अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर बैंक में नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया, जिनमें से एजेंसियां कई की जांच कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि अगर मैं पीडीपी-भाजपा सरकार के दौरान की गई बैकडोर नियुक्तियों को गिनना शुरू करूं, तो आपके पास पूरी सूची सुनने के लिए पर्याप्त समय नहीं होगा।
मुफ्ती को अपने दावों को साबित करने की चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए तैयार है। वे अपने आरोपों के समर्थन में एक भी सबूत पेश करें।
उन्होंने कहा कि बस एक ऐसे उम्मीदवार का नाम बताएं जिसे हमारी सरकार के तहत बैकडोर नियुक्ति दी गई हो, और हम स्पष्टीकरण देंगे।
उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन बेबुनियाद आरोपों का जवाब देने में नहीं उलझेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर सभी संबंधित जानकारी इकट्ठा कर ली है।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा, "भगवान ने चाहा तो अगले एक-दो दिनों में मेरे दो वरिष्ठ मंत्री प्रेस को संबोधित करेंगे और सभी तथ्य लोगों के सामने रखेंगे।"
महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को आरोप लगाया कि एनसी सरकार के 25 महीने के कार्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर में लगभग 25,000 बैकडोर नियुक्तियां की गईं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी विभागों में खाली पद बिना पारदर्शिता के और स्थापित भर्ती प्रक्रिया से हटकर निजी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए भरे गए।
उन्होंने कहा, "25 महीनों में लगभग 25,000 बैकडोर नियुक्तियां हुई हैं। मेरे पास आदेश भी हैं, लेकिन मैं उनकी सुरक्षा के लिए नियुक्त लोगों की पहचान उजागर नहीं करना चाहती।"
--आईएएनएस
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