Thiruvananthapuram Corporation Victory : तिरुवनंतपुरम में जीत के बाद भाजपा पार्षदों के लिए पीएम मोदी ने रखी डिनर पार्टी, 13 फरवरी को दिल्ली में आयोजन

तिरुवनंतपुरम में भाजपा की बड़ी जीत, केरल की राजनीति में नया मोड़
तिरुवनंतपुरम में जीत के बाद भाजपा पार्षदों के लिए पीएम मोदी ने रखी डिनर पार्टी, 13 फरवरी को दिल्ली में आयोजन

तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाएगी। तिरुवनंतपुरम में पहली बार भाजपा को जीत मिली है, जिसने चार दशकों से ज्यादा समय तक चले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के निर्बाध शासन को भी खत्म किया है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी के पार्षदों के लिए खास कार्यक्रम रखा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेयर वीवी राजेश के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल को 13 फरवरी को अपने आधिकारिक आवास पर डिनर के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम के तहत भाजपा ने 101 सदस्यीय तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन परिषद के अपने सभी 50 पार्षदों को नई दिल्ली बुलाया है।

 

जानकारी के अनुसार, भाजपा के पार्षद 9 फरवरी को केरल एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। अलग-अलग राज्यों में भाजपा इकाइयां उन स्टेशनों पर स्वागत समारोह आयोजित करेंगी, जहां ट्रेन लंबे समय तक रुकती है।

 

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित डिनर के अलावा, प्रतिनिधिमंडल राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का भी दौरा करेगा। केंद्रीय नेतृत्व ने तिरुवनंतपुरम के नतीजों को (जिसे पार्टी ने केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में 'सुनहरी जीत' बताया है) एक राष्ट्रीय मील का पत्थर बनाने का फैसला किया है।

 

इस यात्रा के दौरान दिल्ली में तिरुवनंतपुरम विकास दस्तावेज का भी अनावरण किए जाने की उम्मीद है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने पहले कॉर्पोरेशन के नतीजों को 'एक नए युग की शुरुआत' और 'सुनहरे अक्षरों में लिखा' एक मील का पत्थर बताया था। उन्होंने चुनाव नतीजों के बाद मेयर राजेश और डिप्टी मेयर आशा नाथ को बधाई देते हुए व्यक्तिगत पत्र भी भेजे थे।

 

भाजपा ने एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से कॉर्पोरेशन में सत्ता हासिल की, जो पहली बार है। नगरपालिका प्रतिनिधियों को ऐसा निमंत्रण मिलना असाधारण माना जाता है और यह इस बात को दिखाता है कि केंद्रीय नेतृत्व इस जीत को कितना राजनीतिक महत्व दे रहा है। ज्ञात हो कि 140 सदस्यों वाली केरल विधानसभा में भाजपा का कोई सदस्य नहीं है।

 

--आईएएनएस

 

 

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