बीजद ने ओडिशा सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाए

बीजद ने ओडिशा सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाए

भुवनेश्वर, 7 अगस्त (आईएएनएस)। विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पिछले दो सालों में देश और विदेश में ओडिशा सरकार द्वारा आयोजित निवेशकों की बैठकों से जमीन पर कोई खास निवेश नहीं हुआ है, और राज्य द्वारा निवेश आकर्षित करने की वास्तविक प्रगति पर सवाल उठाए।

क्षेत्रीय पार्टी ने ये आरोप दिल्ली में आयोजित 'ओडिशा फूड प्रो 2026' कार्यक्रम के दौरान लगाए। इस कार्यक्रम का आयोजन राज्य सरकार ने फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए किया था।

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा के बाहर आयोजित इस पहले सेक्टर-फोकस्ड इन्वेस्टमेंट रोडशो में 27 एमओयू और 12 इन्वेस्टमेंट इंटेंट फॉर्म (आईआईएफ) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें कुल 43,437 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव शामिल थे।

एक प्रेस बयान में, बीजद के प्रवक्ता और मीडिया कोऑर्डिनेटर लेनिन मोहंती ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले दो सालों में ओडिशा में निवेश आकर्षित करने के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और गुजरात के अलावा सिंगापुर और जापान में भी निवेशकों के साथ बैठकें आयोजित की हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे हर कार्यक्रम के बाद बड़े निवेश के दावे किए हैं, लेकिन इस बात का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं है कि प्रस्तावित निवेश का कितना हिस्सा असल में राज्य में जमीन पर उतरा है।

जनवरी 2025 में भुवनेश्वर में आयोजित 'उत्कर्ष ओडिशा' इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए मोहंती ने कहा कि सरकार ने 16.73 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया था, जिसमें 12.89 लाख करोड़ रुपए के एमओयू शामिल थे।

उन्होंने कहा कि इसी तरह, हैदराबाद इन्वेस्टर्स मीट के बाद भी सरकार ने 67,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया था।

मोहंती ने आरोप लगाया, "हर इन्वेस्टर्स कॉन्फ्रेंस के बाद सरकार ने हजारों करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिलने का दावा किया है। हालांकि, भाजपा सरकार के सत्ता में आने के दो साल बाद भी इस बात का कोई हिसाब नहीं है कि ओडिशा में असल में कितना निवेश हुआ है। धीरे-धीरे यह साफ़ होता जा रहा है कि सरकार के बड़े-बड़े दावे सिर्फ बातें हैं।"

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए बीजद नेता ने दावा किया कि 2024-25 के दौरान ओडिशा को केवल 39 करोड़ रुपए का फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) मिला, जो उस साल भारत के कुल एफडीआई का 0.009 प्रतिशत था।

--आईएएनएस

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