'भारत टैक्सी' ड्राइवरों को मालिक बनाएगी, शोषण मुक्त आय सुनिश्चित करेगी: जीतूभाई वाघाणी

'भारत टैक्सी' ड्राइवरों को मालिक बनाएगी, शोषण मुक्त आय सुनिश्चित करेगी: जीतूभाई वाघाणी

गांधीनगर, 27 जून (आईएएनएस)। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में शनिवार को 'भारत टैक्सी' सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस पहल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी समेत कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान 'भारत टैक्सी' सेवा से जुड़े ड्राइवरों को सम्मानित भी किया गया।

इस मौके पर गुजरात सरकार के मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह पहल देशभर के लाखों ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत टैक्सी से पूरे देश में करीब 7 लाख सारथी जुड़ चुके हैं, जबकि गुजरात में ही 1 लाख ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा बने हैं। इसके अलावा, गुजरात में 7 लाख और देशभर में लगभग 40 लाख ग्राहक इस सेवा से जुड़ चुके हैं।

मंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी पहले से ही मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली-एनसीआर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में संचालित हो रही है। अब गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, भावनगर समेत 14 प्रमुख शहरों में भी इसका विस्तार किया गया है। यह सेवा दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों को एक मंच पर लाकर परिवहन क्षेत्र में नया मॉडल प्रस्तुत कर रही है। इस व्यवस्था में ड्राइवरों को किसी प्रकार का कमीशन देने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनकी आय में सीधा लाभ पहुंचेगा।

वाघाणी ने कहा कि भारत टैक्सी का सबसे बड़ा उद्देश्य ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि व्यवस्था का मालिक बनाना है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया का पहला ऐसा मॉडल है, जिसमें मुनाफे का लाभ सीधे सारथियों तक पहुंचेगा और उनके शोषण की संभावना कम होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि यह पहल उसी सोच को जमीन पर उतारने का प्रयास है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी तथा लाखों परिवारों को आय का नया स्रोत प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत टैक्सी को गुजरात पुलिस और एसओएस इंटीग्रेशन प्रणाली से जोड़ा गया है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। यह व्यवस्था यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन विकल्प प्रदान करेगी। निजी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के वर्चस्व वाले बाजार में भारत टैक्सी एक वैकल्पिक और सहकारिता आधारित मॉडल के रूप में सामने आई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक इस सेवा का उपयोग करें, ताकि ड्राइवरों को सीधा लाभ मिल सके और परिवहन क्षेत्र में सहकारी मॉडल को मजबूती मिले।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में भारत टैक्सी को देश के 500 शहरों तक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, रेलवे, एयरपोर्ट, राज्य सहकारी संस्थाओं और ट्रैफिक पुलिस समेत कई एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह परियोजना देशभर में सफल होगी और यात्रियों तथा ड्राइवरों दोनों के हितों की रक्षा करते हुए परिवहन क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।

भारत टैक्सी के शुभारंभ के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि यह पहल देश के लाखों सारथियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनेगी।

--आईएएनएस

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