भारत की आर्थिक स्थिरता पर मार्को रुबियो का बयान स्वागत योग्य: पूर्व डीजीपी शेष पॉल वैद

भारत की आर्थिक स्थिरता पर मार्को रुबियो का बयान स्वागत योग्य: पूर्व डीजीपी शेष पॉल वैद

जम्मू-कश्मीर, 27 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक शेष पॉल वैद ने भारत-अमेरिका संबंधों पर अपनी राय रखते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा भारत की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक भूमिका की सराहना स्वागतयोग्य कदम है।

आईएएनएस से बातचीत में वैद ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद भारत महंगाई को नियंत्रित रखने और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने देने में सफल रहा है। उन्होंने इसका श्रेय केंद्र सरकार की नीतियों को दिया।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास आई है, विशेषकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान। उनके अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने कई मामलों में भारत को अलग से निशाना बनाया। वैद का आरोप है कि भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए गए और चाइल्ड लेबर जैसे मुद्दों के आधार पर उसे विशेष रूप से निशाना बनाया गया, जबकि ऐसे नियम सभी देशों पर समान रूप से लागू होने चाहिए थे।

उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को बढ़ावा देने की नीति ने भी भारत में चिंता पैदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पूरे दौर में धैर्य का परिचय दिया, लेकिन आम भारतीयों के मन में अमेरिका को लेकर संदेह की भावना पैदा हुई है।

उन्होंने कहा कि अगले वर्ष यदि राष्ट्रपति ट्रंप भारत आते हैं तो उससे पहले अमेरिका को ऐसे सकारात्मक कदम उठाने होंगे, जिससे दोनों देशों के बीच पैदा हुई दूरी कम हो सके।

पूर्व डीजीपी ने कहा कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात सकारात्मक रही और इससे दोनों देशों के बीच संवाद की नई शुरुआत हुई है। हालांकि केवल मुलाकातों से काम नहीं चलेगा, बल्कि अमेरिका को व्यापार और वीजा नीति में भी लचीलापन दिखाना होगा।

उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त अरब अमीरात, जापान, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, लेकिन अमेरिका के साथ अब तक कोई व्यापार समझौता नहीं हो सका है। वैद का मानना है कि अमेरिका को भारत की चिंताओं को समझते हुए जल्द व्यापार समझौते पर सहमति बनानी चाहिए।

वीजा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बी-1 वीजा से जुड़े कुछ प्रस्तावों के कारण भारतीय पेशेवरों को निशाना बनाए जाने की भावना बनी थी। हालांकि, अमेरिकी अदालत ने ऐसे कुछ प्रावधानों को निरस्त कर दिया, जिससे राहत मिली। उन्होंने कहा कि भारतीय पेशेवर दुनिया भर में अपनी योग्यता और कानून के पालन के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उन्हें अलग से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

इसके अलावा, वैद ने वेनेजुएला के साथ ऊर्जा सहयोग की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की रिफाइनिंग क्षमता को देखते हुए अमेरिका, भारत और वेनेजुएला मिलकर कच्चे तेल के क्षेत्र में पारस्परिक लाभ का मॉडल विकसित कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में दोनों लोकतांत्रिक देशों के संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

--आईएएनएस

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