पटना, 22 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को ग्रामीण क्षेत्रों में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटों के काम नहीं करने का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। खास बात यह रही कि इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायक भी अपनी ही सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे और सदन में उनके दावों को खुली चुनौती दे दी।
प्रश्नकाल के दौरान ग्रामीण इलाकों में सोलर लाइटों के खराब होने का मामला उठाते हुए विधायक श्याम रजक ने कहा कि जिन स्थानों पर सोलर लाइटें लगाई गई थीं, उनमें से अधिकांश बंद पड़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 70 प्रतिशत लाइटें नहीं जल रही हैं, जिससे कई इलाके अंधेरे में डूबे हुए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित संवेदक पैसा लेकर भाग गया और रखरखाव की व्यवस्था पूरी तरह विफल है। इस पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कहना सही नहीं है कि 70 प्रतिशत लाइटें बंद हैं। उन्होंने सदन को बताया कि जहां कहीं भी तकनीकी खराबी की शिकायत मिल रही है, वहां मरम्मत की व्यवस्था की गई है।
मंत्री ने कहा कि किसी भी एजेंसी के भागने का सवाल नहीं है। संविदा की शर्तों के अनुसार एजेंसी की 30 प्रतिशत राशि पांच वर्षों तक सुरक्षित रखी जाती है और रखरखाव में लापरवाही होने पर भुगतान रोकने तथा कार्रवाई करने का प्रावधान है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने कहा कि यदि सरकार के आंकड़े सही हैं तो मंत्री उनके साथ क्षेत्र का दौरा करें। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर करीब 50 प्रतिशत सोलर लाइटें बंद पड़ी हैं और सरकार को वास्तविक स्थिति स्वीकार करनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि खराब लाइटों की निगरानी कौन कर रहा है और शिकायत करने पर भी संबंधित अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। इसके बाद जदयू विधायक अजीत कुमार ने भी मंत्री के जवाब पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों के साथ कांटी क्षेत्र की तीन पंचायतों का रात में निरीक्षण किया, जहां लगभग 70 प्रतिशत सोलर लाइटें बंद मिलीं। सबसे अधिक परेशानी गरीब बस्तियों में रहने वाले लोगों को हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मंत्री दीपक प्रकाश को संबंधित क्षेत्रों की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।