पटना, 2 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने शिक्षा विभाग के वेतन सत्यापन कोषांग में पदस्थापित अवर सचिव अमोद मिश्रा को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पटना के गर्दनीबाग स्थित मिनिस्टर एन्क्लेव मोड़ के पास की गई।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, इस मामले में एक जुलाई 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या-079/26 दर्ज किया गया। परिवादी नालंदा जिले के नई सराय निवासी उमा शंकर उमरेबी ने ब्यूरो से शिकायत की थी कि उनके एरियर भुगतान से संबंधित कार्य के एवज में अवर सचिव अमोद मिश्रा द्वारा 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच की कार्रवाई जारी है।
बता दें कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, साल 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 79वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें ट्रैप से संबंधित यह 74वां मामला है। ब्यूरो ने बताया कि इस वर्ष अब तक 74 आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है तथा कुल 28 लाख 5 हजार 300 रुपए रिश्वत की राशि बरामद की गई है।
ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपए रिश्वत की राशि बरामद हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो का अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और रिश्वतखोरी में शामिल अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।