पटना, 13 जून (आईएएनएस)। नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई में रिजल्ट और कॉपी जांच में अनियमितताओं के विरोध में बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में शनिवार को कांग्रेस ने पटना में प्रदर्शन किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में 89 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और खुद एनटीए के अधीन नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र चार बार लीक हो चुके हैं, जिससे केंद्रीय परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था बना दी है कि अमीर परिवारों के बच्चों को ही मेडिकल सीटें और नौकरियां मिलेंगी, जबकि गरीब परिवारों के छात्रों को उम्मीद के सहारे हर बार धोखा ही खाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली इस एनडीए सरकार के तहत शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इस व्यवस्था को बदलने के लिए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी लगातार सड़कों पर संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज बिहार के छात्रों के हक के लिए हम सड़कों पर हैं। वर्तमान सरकार को अविलंब एनटीए के तहत आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में पारदर्शिता और पेपर लीक की समस्या को खत्म करना चाहिए और आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के साथ भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए। उन्होंने सीबीएसई की प्रणाली पर भी सवाल उठाए।
विधान परिषद में दल के नेता डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में शिक्षा तंत्र को बर्बाद कर दिया है और वर्तमान शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर भी अपने पद से इस्तीफा तो दूर, 22 लाख पीड़ित छात्रों के प्रति संवेदना प्रकट करने की भी जहमत नहीं उठाते हैं। उनकी उदासीनता बताने के लिए काफी है कि केंद्र सरकार ने उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों को बर्बाद करने की ही जिम्मेदारी दे रखी है और इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनका इस्तीफा नहीं मांगा।
उन्होंने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की। राजापुर पुल की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गोसाई टोला से आगे मरीन ड्राइव चौराहे पर रोक दिया। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने वहीं धरने पर बैठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाने लगे।
इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जुलूस भी निकाल कर अपना विरोध दर्ज किया। इस प्रदर्शन में अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, असितनाथ तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
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