पटना, 31 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने 25 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
मौसम संबंधी चेतावनी में तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में हवा की गति 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इस मौसम प्रणाली का सबसे अधिक प्रभाव उत्तरी बिहार, पूर्वी बिहार और सीमांचल क्षेत्र में पड़ने की आशंका है।
अलर्ट के तहत जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सीतामढी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया शामिल हैं।
कैमूर, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में भी बारिश और गरज के साथ तूफान आने की संभावना है।
अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतें और खुले क्षेत्रों से बचें और इमारतों में शरण लें, खासकर जब बिजली गिरने की सूचना मिले।
इसके विपरीत, पटना सहित दक्षिण और मध्य बिहार में मौसम की स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है।
राजधानी में बीच-बीच में बादल छा सकते हैं, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम बताई जा रही है।
तेज धूप के साथ उच्च आर्द्रता के कारण मौसम असहज रहने की संभावना है। हालांकि, शाम को छिटपुट बूंदाबांदी से कुछ राहत मिल सकती है।
गया, नालंदा और नवादा में भी इसी तरह के मौसम की संभावना है।
राज्य के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का स्तर काफी अधिक बना हुआ है।
पिछले 24 घंटों में बक्सर में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद भोजपुर में 36.3 डिग्री सेल्सियस, पटना में 35.9 डिग्री सेल्सियस और औरंगाबाद में 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बिहार में मानसूनी हवाओं की तीव्रता में भिन्नता के कारण वर्षा का वितरण असमान है।
बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं उत्तरपूर्वी बिहार तक अधिक सीधे पहुंच रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप अधिक बादल बन रहे हैं और अधिक वर्षा हो रही है।
हालांकि, दक्षिण-मध्य बिहार की ओर बढ़ते हुए मानसून का प्रवाह काफी कमजोर हो जाता है।
इन दक्षिणी और मध्य जिलों में दोपहर की तीव्र गर्मी और उच्च आर्द्रता के संयोजन से स्थानीय स्तर पर बादल बन रहे हैं और कभी-कभी बारिश हो रही है।
मानसून की अपेक्षाकृत धीमी गति ने प्रशासन और किसान समुदाय दोनों के बीच चिंताएं बढ़ा दी हैं।
बिहार में इस मौसम में अब तक सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 494.8 मिमी वर्षा होने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक केवल लगभग 288 मिमी वर्षा ही दर्ज की गई है।
--आईएएनएस
एसएचके/डीकेपी






