पटना, 8 जून (आईएएनएस)। बिहार कैबिनेट की सोमवार को हुई बैठक में सासामूसा चीनी मिल के पुनः परिचालन के लिए उस क्षेत्र के गन्ना कृषकों के पूर्ववर्ती पेराई सत्रों का बकाया ईख मूल्य मूलधन की 42.99 लाख रुपये भुगतान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि सासामूसा चीनी मिल के क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी एवं रोजगार सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 25 प्रस्तावों की मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (विकसित भारत- जी राम जी) योजना, बिहार, 2026 की स्वीकृति दी गई। इस योजना को एक जुलाई 2026 से लागू करने की भी स्वीकृति मिली है।
कैबिनेट की बैठक में 15 वर्ष से पुराने सरकारी वाहनों को निबंधन या स्क्रैपिंग करने पर मोटर क्रय में कोई छूट या लाभ नहीं मिलने के प्रस्ताव में मंजूरी दी गई। हालांकि, गैर सरकारी वाहनों के स्क्रैप किए जाने पर नए वाहनों की खरीद पर छूट का लाभ पहले की तरह जारी रहेगा।
केंद्र प्रायोजित योजना ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के तहत एक अहम प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक सहमति दी गई। इसके तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय ,भारत सरकार और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य में रबी 2026-27 मौसम से केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' को कार्यान्वित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। यह योजना राज्य में खरीफ 2018 मौसम से कार्यान्वित बिहार राज्य फसल सहायता योजना का स्थान लेगी। 'फसल बीमा योजना' के तहत बीमित किसानों के कृषि लागत के समतुल्य फसल क्षति का भुगतान सुनिश्चित होगा। साथ ही इस योजनान्तर्गत बीमित भूमि का कोई अधिसीमा नहीं होने के कारण राज्य के बड़े जोत वाले किसानों को भी उनके बीमित भूमि के समतुल्य फसल क्षति का लाभ होगा।
आईआईटी पटना रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से आईआईटी पटना को सहायक अनुदान की 305 करोड़ की राशि देने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में सीवरेज और जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।