भाजपा को पंजाब में यूरिया खाद घोटाले की आशंका, सीबीआई जांच की मांग

भाजपा को पंजाब में यूरिया खाद घोटाले की आशंका, सीबीआई जांच की मांग

चंडीगढ़, 27 जून (आईएएनएस) पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शनिवार को पंजाब के किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा आपूर्ति की जाने वाली रियायती यूरिया उर्वरक को न केवल राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार की प्रशासनिक विफलता बताया, बल्कि इसे सरकारी संरक्षण में संचालित एक बड़ा भ्रष्टाचार रैकेट भी करार दिया।

उन्होंने कहा कि मार्कफेड और मिल्कफेड जैसे सरकारी संयंत्रों तक हजारों बोरी रियायती यूरिया का पहुंचना उच्च स्तर पर सरकारी मिलीभगत और संरक्षण के बिना संभव नहीं था। ढिल्लों ने पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की।

ढिल्लो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके रियायती यूरिया उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार किसानों को 45 किलो खाद का एक बोरा 2,800 रुपए के बजाय मात्र 266 रुपए में उपलब्ध करा रही है, जबकि दूसरी ओर पंजाब सरकार के समर्थन से उर्वरक माफिया कथित तौर पर रियायती उर्वरक को सरकारी संयंत्रों और कारखानों में भेजकर किसानों को इस लाभ से वंचित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि हजारों बोरे रियायती उर्वरक बिना दस्तावेज या बैच नंबर के चार सरकारी संयंत्रों तक पहुंच गए। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षकों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं था।

ढिल्लों ने आगे कहा कि उन्होंने पहले भी केंद्र सरकार के समक्ष यूरिया और डीएपी उर्वरकों की कमी का मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने किसानों की आवश्यकता से अधिक उर्वरक की आपूर्ति की। हालांकि, किसानों के लिए निर्धारित रियायती उर्वरक की हेराफेरी और कथित घोटाले से यह साबित होता है कि राज्य में एक भ्रष्ट सरकार चल रही है।

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इतने बड़े घोटाले में निजी कंपनियों के खिलाफ मात्र मामले दर्ज करना दिखावा मात्र होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार है और उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की, साथ ही सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की, ताकि घोटाले की सच्चाई सामने आ सके।

--आईएएनएस

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