बेंगलुरु, 10 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के तहत आने वाले सभी पांच नगर निगम क्षेत्रों में फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से अब तक 9,878 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।
बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में चल रहे अभियान का निरीक्षण करने के बाद जयनगर के अशोक पिलर के पास मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि 435 किलोमीटर लंबे फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान 1,340 स्थायी दुकानों और करीब 1,800 ठेलों को हटाया गया। हालांकि, ठेला संचालकों को अपने ठेले स्वयं हटाने का अवसर दिया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अभियान के दौरान फुटपाथों पर बने 2,267 लोहे के शेड, 2,300 अवैध सीढ़ियां और रैंप, 2,662 खंभे और साइनबोर्ड तथा 2,247 अवैध छज्जे भी हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान निकले मलबे को हटाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त फुटपाथों की मरम्मत भी की जा रही है।
रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की आजीविका को लेकर उठ रही चिंताओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी रोजी-रोटी की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, "रेहड़ी-पटरी वाले हमारे अपने लोग हैं। उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। चाहे सरकारी जमीन हो या निजी, सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करके कारोबार नहीं किया जा सकता। लेकिन हमारी सरकार उन्हें रोजगार जारी रखने के लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराएगी।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले सरकार ने स्ट्रीट वेंडरों को पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन अदालत के आदेश के कारण यह रुक गई थी। अब इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाएगा और निर्धारित वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे, जहां वे अपना कारोबार कर सकेंगे।
सीएम डी.के. शिवकुमार ने दावा किया कि फुटपाथों पर अतिक्रमण के पीछे एक संगठित माफिया काम कर रहा है।
उन्होंने कहा, "आलोचना होती रहेगी, लेकिन बेंगलुरु को बेहतर बनाने के लिए हम उसका सामना करने को तैयार हैं। हमारे पास जानकारी है कि कुछ असामाजिक तत्व रेहड़ी-पटरी वालों से वसूली कर रहे हैं। पुलिस और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के अधिकारियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है। हमारा लक्ष्य बेंगलुरु को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में बेंगलुरु में 900 से अधिक पैदल यात्रियों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यदि फुटपाथ उपयोग योग्य नहीं होंगे तो लोग सड़क पर चलने को मजबूर होंगे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा और यातायात भी प्रभावित होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है।
स्ट्रीट वेंडरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे स्थान चिन्हित किए जाएंगे, जहां पैदल यात्रियों और यातायात में कोई बाधा न हो। उन्होंने कहा कि विक्रेता सुबह आकर शाम को अपना कारोबार समेट सकते हैं, लेकिन व्यस्त सड़कों और निजी संपत्तियों के सामने कब्जा नहीं कर सकते।
विजयनगर के भूमिगत बाजार के अपेक्षित उपयोग न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार सभी सुझावों पर विचार करेगी।
वहीं, लंबे समय से लंबित जयनगर मार्केट के पुनर्विकास पर उन्होंने कहा कि आधी इमारत का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। सरकार जल्द इस परियोजना पर अंतिम निर्णय लेकर इसे उपयुक्त योजना के तहत पूरा करेगी।
--आईएएनएस
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